पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अंदरूनी कलह और तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने मंगलवार को एक बार फिर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके इर्द-गिर्द बना कैमैक स्ट्रीट नेटवर्क और चुनावी रणनीतिकार संस्था I-PAC पार्टी को कमजोर करने के लिए जिम्मेदार हैं।
'कैमैक स्ट्रीट ने पार्टी को खत्म कर दिया'
कल्याण बनर्जी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के कैमैक स्ट्रीट स्थित कार्यालय से पार्टी का संगठन चलाने की व्यवस्था ने टीएमसी को अंदर से खोखला कर दिया। उन्होंने कहा कि यही वजह रही कि पार्टी 2026 के विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हार गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता और कार्यकर्ता पहले अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाते थे, वे अब पार्टी छोड़कर बागी खेमे में जा रहे हैं या उसी नेतृत्व के खिलाफ खड़े हो गए हैं।
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अभिषेक के सहयोगी पर भी लगाए आरोप
कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के करीबी सुमित रॉय पर भी आरोप लगाए। उनका कहना है कि कैमैक स्ट्रीट कार्यालय के जरिए पार्टी का काम देखने वाले कई जमीनी कार्यकर्ताओं पर अब पुलिस का दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
I-PAC पर साधा निशाना
कल्याण बनर्जी ने चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि आई-पैक ने पार्टी के पुराने संगठनात्मक ढांचे की जगह सर्वे, डेटा एनालिटिक्स और सलाहकारों पर आधारित व्यवस्था लागू कर दी, जिससे अनुभवी कार्यकर्ताओं की अनदेखी हुई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल सिर्फ सर्वे और डेटा के आधार पर नहीं चलते, बल्कि कार्यकर्ताओं और जनता के बीच लगातार संपर्क से मजबूत होते हैं।
टिकट बंटवारे को लेकर भी लगाए आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि आई-पैक ने कई नेताओं को विधानसभा चुनाव का टिकट मिलने की उम्मीद दिलाई थी। लेकिन जब उन्हें टिकट नहीं मिला तो पार्टी के अंदर नाराजगी बढ़ी और चुनाव के दौरान कई जगह अंदरूनी नुकसान हुआ। कल्याण बनर्जी ने कहा कि वह वर्ष 2022 से ही पार्टी नेतृत्व को राजनीतिक सलाहकारों पर जरूरत से ज्यादा निर्भर न रहने की चेतावनी देते रहे, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया।
पहले भी अभिषेक को ठहराया था जिम्मेदार
कल्याण बनर्जी इससे पहले भी विधानसभा चुनाव में हार के लिए अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं। उनका आरोप है कि अभिषेक का अहंकार, वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी और संगठन चलाने का तरीका पार्टी के कमजोर होने का बड़ा कारण बना। उनका कहना है कि इतनी बड़ी चुनावी हार के बाद भी पार्टी नेतृत्व ने कोई सबक नहीं लिया।
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टीएमसी में दो गुट आमने-सामने
टीएमसी इस समय अपने गठन (1998) के बाद के सबसे बड़े संगठनात्मक संकट से गुजर रही है। पार्टी अब दो गुटों में बंटी हुई है। एक गुट का नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं, जबकि दूसरा गुट पूर्व राज्यसभा सांसद ऋतब्रत बनर्जी के साथ है। बागी गुट का कहना है कि उसके साथ पार्टी के बड़ी संख्या में विधायक और नेता हैं। यही नहीं, पहली बार 21 जुलाई के शहीद दिवस कार्यक्रम भी दोनों गुट अलग-अलग आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं।