वक्फ संशोधन विधेयक के लिए गठित समिति का कार्यकाल बजट सत्र 2025 के आखिरी दिन तक बढ़ाया गया है। लोकसभा ने इस प्रस्ताव पर मंजूरी दे दी। समिति को इस सप्ताह के अंत तक रिपोर्ट देनी थी। मामले में समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल का कहना है कि समिति के सभी सदस्य इस बात पर सहमत हैं कि जेपीसी का कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए।
वक्फ संशोधन बिल को लेकर बनी संयुक्त संसदीय समिति के कार्यकाल में विस्तार करने के फैसले का टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अब कई राज्यों और हितधारकों को अपने विचार रखने का मौका मिलेगा।
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संसदीय समिति के सदस्य कल्याण बनर्जी ने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक में कार्यकाल विस्तार के लिए एक प्रस्ताव पेश किया गया था और इसे लोकसभा के समक्ष रखा जाना था। इसके बाद समिति अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए लोकसभा में समय बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया। यहां से समिति के कार्यकाल को बजट सत्र के आखिरी दिन तक बढ़ा दिया गया है। अब हितधारकों को संयुक्त समिति के सामने अपने विचार रखने का मौका मिलेगा और हमें भी उनकी जांच करने का समय मिल सकेगा।
कल्याण बनर्जी ने कहा कि अभी कई राज्यों को अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला है। उनके विचार को सुनने के बाद खंडवार चर्चा होगी और हम रिपोर्ट देखेंगे।
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समिति की बैठक में लगातार होता रहा है हंगामा
वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर बनी संयुक्त संसदीय समिति की बैठकों में लगातार हंगामा होता रहा है। बुधवार को भी समिति में शामिल विपक्षी सांसदों ने बैठक का विरोध किया था। सांसदों का कहना है कि विधेयक में प्रस्तावित संशोधन मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। जबकि भाजपा का कहना है कि संशोधन वक्फ बोर्डों के कामकाज में पारदर्शिता लाएंगे और उन्हें जवाबदेह बनाएंगे।
लोकसभा में बढ़ाया गया कार्यकाल
वक्फ संशोधन विधेयक के लिए गठित समिति का कार्यकाल बजट सत्र 2025 के आखिरी दिन तक बढ़ाया गया है। लोकसभा ने इस प्रस्ताव पर मंजूरी दे दी। समिति को इस सप्ताह के अंत तक रिपोर्ट देनी थी। मामले में समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल का कहना है कि समिति के सभी सदस्य इस बात पर सहमत हैं कि जेपीसी का कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
लोकसभा में आठ अगस्त को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने 'वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024' पेश किया था। इसके साथ ही इससे जुड़े निष्क्रिय हो चुके पुराने अधिनियम को कागजों से हटाने के लिए 'मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024' को भी पेश किया गया था। नए विधेयक का नाम एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास अधिनियम होगा। अंग्रेजी में यूनिफाइड वर्क मैनेजमेंट एंपावरमेंट एफिशिएंट एंड डेवलपमेंट यानी 'उम्मीद'। इस विधेयक का विपक्ष ने पुरजोप विरोध किया था। उसके बाद नौ अगस्त को इसे आगे की चर्चा के लिए संसद की संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिया गया था।