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बंगाल चुनाव: प्रधानमंत्री को TMC सांसद की चुनौती, पूछा- क्या CM ममता के जीतने पर इस्तीफा देने की हिम्मत है?

Wed, 29 Apr 2026 09:52 AM IST
Riya Dubey न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के बीच सियासत गरमा गई है। डेरेक ओब्रायन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी जीतती है, तो वे इस्तीफा दें। वहीं ममता बनर्जी ने भाजपा पर चुनाव में गड़बड़ी और हिंसा कराने का आरोप लगाया है।
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डेरेक ओब्रायन - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। डेरेक ओब्रायन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें खुली चुनौती दी है।

क्या आप में हिम्मत है?

टीएमसी के राज्यसभा सांसद ओब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि नरेंद्र, आपने कहा था कि आप बंगाल की सभी 294 सीटों के उम्मीदवार हैं। बड़ी-बड़ी बातें छोड़िए, यह चुनौती स्वीकार कीजिए। उन्होंने आगे लिखा कि 4 मई को जब ममता बनर्जी और टीएमसी बंगाल जीत हासिल कर लें, तो प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दीजिए। क्या आप में हिम्मत है?

ममता ने भाजपा पर लगाया आरोप

बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान मुख्यमंत्री और भवानीपुर सीट से टीएमसी उम्मीदवार ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा जबरन चुनाव में गड़बड़ी (रिगिंग) करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ हिंसा की गई है और मतदान प्रक्रिया में बाधा डाली जा रही है।

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पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि देखिए हमारे कार्यकर्ता को रात में किस तरह पीटा गया। यह कैसी गुंडागर्दी है? वोटिंग इस तरह नहीं होती। वोटिंग शांतिपूर्ण तरीके से होती है, यह लोकतंत्र का पर्व है। उन्होंने आगे कहा लेकिन इसे पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया है। इरादा साफ है कि भाजपा जबरन चुनाव में गड़बड़ी करना चाहती है। हमारे कार्यकर्ता और लोग मरने को तैयार हैं, लेकिन जगह नहीं छोड़ेंगे।

बंगाल में हो रहा दूसरे चरण का मतदान

पहले चरण में 23 अप्रैल को रिकॉर्ड 91.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जो चुनावी उत्साह का संकेत है। बुधवार को हो रहे दूसरे चरण के मतदान में कुल 1,448 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है। इनमें 1,228 पुरुष और 220 महिला उम्मीदवार शामिल हैं।

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राज्य में कुल 3.22 करोड़ से अधिक मतदाता हैं, जिनमें 3.21 करोड़ सामान्य मतदाता और लगभग 40,000 सेवा मतदाता शामिल हैं। मतदाताओं में 1.64 करोड़ पुरुष और 1.57 करोड़ महिलाएं हैं, जबकि 792 मतदाताओं को तीसरे लिंग के रूप में दर्ज किया गया है।

युवा मतदाताओं की भागीदारी भी अहम है, 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 4.12 लाख से अधिक मतदाता इस चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं। वहीं 100 वर्ष से अधिक उम्र के 3,200 से ज्यादा मतदाता भी लोकतंत्र के इस महापर्व में भागीदारी कर रहे हैं।

इसके अलावा, 57,000 से अधिक दिव्यांग (PWD) मतदाताओं के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि वे आसानी से मतदान कर सकें। निर्वाचन आयोग ने चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे राज्य में कुल 41,001 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 39,301 मुख्य और 1,700 सहायक केंद्र शामिल हैं।

इनमें 8,845 मतदान केंद्र पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, 13 केंद्र दिव्यांग कर्मियों द्वारा संचालित हैं, जबकि 258 को मॉडल मतदान केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
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सभी 41,001 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे मतदान प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है। राजनीतिक तौर पर, ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में सत्ता परिवर्तन के लक्ष्य के साथ जोरदार चुनाव प्रचार में जुटी है। अब सभी की नजरें 4 मई पर टिकी हैं, जब चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे और यह साफ हो जाएगा कि बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।
 

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