राष्ट्रगान को लेकर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने कई महत्पूर्ण निर्णय दिए हैं। कुछ दिन पहले ही सिनेमाघरों में फिल्म खत्म होने के बाद राष्ट्रगान बजाने और सभी को उसके सम्मान में खड़े होने का महत्वपूर्ण निर्णय भी उच्चतम न्यायालय ने दिया है।
कोर्ट का मानना है कि इससे लोगों में राष्ट्रगान के प्रति सम्मान की भावना बढ़ेगी और वो देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत होंगे। लेकिन आम आदमी की तो बात छोड़ दी जाए जनता द्वारा चुनकर भेजे गए माननीयों के लिए भी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और राष्ट्रगान की महत्ता के कोई मायने नहीं रह गए हैं।
इसका नजारा उस समय दिखा जब हावड़ा में तृणमूल विधायक राष्ट्रगान के दौरान मजे में मोबाइल फोन पर बात करती रहीं। लेकिन जैसा ही कैमरा उनकी तरफ चमका सांसद ने फोन काटकर अपनी जेब में रख लिया। हालांकि तब तक उनकी यह सारी हरकत कैमरे में कैद हो चुकी थी।