तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक मदन मित्रा पार्टी के बागी गुट में शामिल हो गए हैं। इस बागी गुट का नेतृत्व राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं। इस कदम से पार्टी के अंदर जारी विवाद और गहरा हो गया है। मदन मित्रा को टीएमसी की सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है।
पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा
कमरहाटी से विधायक मदन मित्रा ने घोषणा की कि उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के तहत काम करने वाली सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय समितियों से इस्तीफा दे दिया है।
विधायक मदन मित्रा ने क्या कहा?
विधायक ने यह भी कहा कि उन्होंने पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के पद से भी तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। ऋतब्रत बनर्जी से मुलाकात करने के बाद मदन मित्रा ने पत्रकारों से कहा, मैंने सिर्फ अपना कमरा बदला है, घर नहीं। मैं अभी भी टीएमसी में ही हूं।
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ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को झटका
यह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी गुट के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों से पार्टी के अंदर बड़े स्तर पर बगावत चल रही है, जिससे नेतृत्व को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
पार्टी में विवाद उस समय और बढ़ गया, जब ऋतब्रत बनर्जी और उनके समर्थकों ने दावा किया कि अब पार्टी के मुख्य कार्यालय का नियंत्रण उनके पास है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी का एक अलग संगठन ढांचा बनाने की भी घोषणा कर दी।
कल्याण बनर्जी और शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने क्या कहा?
मदन मित्रा के ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट में शामिल होने पर टीएमसी (ममता बनर्जी गुट) के नेता कल्याण बनर्जी ने कहा, जो लोग विधायक और सांसद हैं, वे जो करना चाहते हैं, कर सकते हैं। पश्चिम बंगाल की जनता और टीएमसी के कार्यकर्ता ममता दीदी के साथ हैं।
उन्होंने आगे कहा, अभी मुझे टीएमसी के कानूनी प्रकोष्ठ से जुड़े वकीलों ने बताया कि डायमंड हार्बर के स्थानीय विधायक वकीलों को अदालत में प्रवेश नहीं करने दे रहे हैं। पश्चिम बंगाल में हालात ऐसे ही हैं।
महुआ मोइत्रा ने क्या कहा?
वहीं, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा, मुझे दुख है कि उन्हें हमें छोड़कर जाना पड़ा। उन्हें इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं थी। उन्होंने आगे कहा, लेकिन उन्होंने उनके बेटे और पत्नी को बुलाया था। इसलिए शायद उन्होंने अपना मानसिक बल खो दिया और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।
वहीं, टीएमसी (ममता बनर्जी गुट) की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है। कल ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनकी पत्नी, बहुओं और बेटों को समन भेजा था, तो वह ईडी के समन पर ही गए हैं। वह ईडी के बुलावे पर गए हैं। हमें यह समझना चाहिए कि जो व्यक्ति परसों तक ऋतब्रत के गुट को बुरा-भला कह रहा था, आज वही व्यक्ति वहां जाकर ऋतब्रत के बगल में बैठ रहा है। यह सब ईडी के खास बुलावे पर हुआ है। इसलिए हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। हम उनके अच्छे भविष्य और सेहत की कामना करते हैं। उम्मीद है कि ऋतब्रत के गुट के साथ काम करते हुए आपका अच्छा समय बीतेगा।