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स्टिंग आपरेशन में रिश्वत लेते दिखे तृणमूल नेता, विपक्ष ने घेरा 

Tue, 15 Mar 2016 04:57 AM IST
रीता तिवारी/ अमर उजाला, कोलकाता

सार

  • स्टिंग ऑपरेशन के खुलासे ने तृणमूल कांग्रेस को सकते में डाला
  • छवि धूमिल करने की ये साजिश  
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ब्राइब - फोटो : Narada news
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विस्तार
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एक समाचार वेबसाइट की तरफ से सोमवार को एक स्टिंग ऑपरेशन के खुलासे ने तृणमूल कांग्रेस को सकते में डाल दिया है। पार्टी ने इस वीडियो को तृणमूल कांग्रेस की छवि धूमिल करने का अभियान करार देते हुए इसे निराधार बताया है।
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सरी ओर, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि इस सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है। विधानसभा चुनावों से पहले इस ऑपरेशन का खुलासा ऐसे समय किया गया है, जब चुनाव आयोग की पूरी टीम कोलकाता में मौजूद है। ऐसे में इस पर विवाद बढ़ना तय है।

विधानसभा में विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्र ने बताया कि यह स्टिंग नारद न्यूज नामक एक वेबसाइट ने किया है। उक्त वीडियो में तृणमूल कांग्रेस के 12 शीर्ष नेताओं से बातचीत रिकॉर्ड की गई है। उनमें नगर निगम के अध्यक्ष, मेयर के अलावा कई मंत्री, सांसद व पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।
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वीडियो में वेबसाइट के प्रतिनिधि इंपेक्स कंसलटेंसी नामक एक फर्जी कंपनी के प्रतिनिधि के तौर पर उन सबको रिश्वत देते नजर आते हैं। अभी यह साफ नहीं है कि इन लोगों ने किस काम के लिए पांच से 20 लाख रुपये तक की रकम ली है। 
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छवि धूमिल करने की ये साजिश

डेरेक ओ ब्रायन
वीडियो में कोलकाता के मेयर शोभन चटर्जी यह कहते नजर आ रहे हैं कि वह चुनाव बाद कंपनी के प्रतिनिधियों की पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से मुलाकात करा देंगे। सूर्यकांत मिश्र ने वीडियो में नजर आने वाले तृणमूल के तमाम नेताओं के नाम भी गिनाए।

उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्म की बात है कि यह सरकार अब तक सत्ता में बनी हुई है। नारद न्यूज का दावा है कि उसने अपना ऑपरेशन 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले शुरू किया था।

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने इस वीडियो को पार्टी की छवि धूमिल करने का प्रयास करार देते हुए कहा कि इसका पार्टी पर कोई असर नहीं पडे़गा। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि चुनावों के इस मौसम में विपक्ष इस वीडियो को एक बड़ा मुद्दा बना सकता है।
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