रोड शो के दौरान अभिषेक बनर्जी और शत्रुघ्न सिन्हा
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मतुआ भारतीय नागरिक, सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के हकदार
वहीं, टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को टीएमसी उम्मीदवार बिस्वजीत दास के समर्थन में बोनगांव लोकसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान नागरिकता के मुद्दे पर उन्होंने कहा, भाजपा नेता अमित शाह यहां आए और मतुआओं को 'शरणार्थी' कहा, लेकिन मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं। वे आपके और मेरे जैसे ही भारतीय नागरिक हैं जो सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के हकदार हैं। बनर्जी ने भाजपा पर मतुआ समुदाय के लोगों की भावनाओं के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया, जो उत्तर 24 परगना जिले के निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा हैं।
टीएमसी का आरोप- संदेशखाली की महिलाओं को की 2,000 की पेशकश
बनर्जी ने रैली के दौरान संदेशखाली का मुद्दा दोहराया। कहा, भाजपा नेताओं ने कुछ महिलाओं को मनगढ़ंत आरोप लगाने के लिए 2,000 रुपए की पेशकश करके अपने दिल्ली के आकाओं को उनकी गरिमा बेच दी। महिलाएं अब सामने आ रही हैं और सच्चाई बता रही हैं कि संदेशखाली में कोई बलात्कार नहीं हुआ था। भाजपा नेताओं ने फर्जी बलात्कार के मामले दर्ज करने के लिए उनसे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवाए। इन बंगाल विरोधी तत्वों ने पूरे देश के सामने राज्य को बदनाम किया।
भाजपा ने खारिज किए टीएमसी के आरोप
वहीं, भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को खारिज कर दिया। भाजपा के राज्य प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि वीडियो मनगढ़ंत थे। टीएमसी चुनाव से पहले कहानी बदलने के लिए फर्जी वीडियो का इस्तेमाल कर रही है। टीएमसी को संदेशखाली की महिलाओं की गरिमा का सबसे कम ख्याल है। सभी वीडियो फर्जी और छेड़छाड़ किए गए हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर अदालत जाने की धमकी भी दी।