पश्चिम बंगाल के पूरबा मेदिनीपुर जिले के खेजुरी में दो लोगों की मौत के मामले में भाजपा और टीएमसी आमने सामने हैं। एक ओर भाजपा इसे हिंदुओं की हत्या बता रही है, वहीं पुलिस और टीएमसी इसे एक साधारण हादसा मान रहे हैं। अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच पर टिकी हैं, जो मौत के सही कारण का खुलासा करेगी।
पश्चिम बंगाल के पूरबा मेदिनीपुर जिले के खेजुरी इलाके में दो लोगों की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि ये दोनों हत्याएं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक नेता समेत सात लोगों ने की हैं। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि ये मौतें एक हादसे में हुईं, जब लाइट पोस्ट से हैलोजन लैंप गिर गए।
क्या हुआ था?
शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, शुक्रवार रात भंगनमारी गांव के रहने वाले सुजीत दास और सुधीर चंद्र पैक खेजुरी थाना क्षेत्र के जनका गांव में एक मुहर्रम कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वहीं पर सात लोगों ने उन्हें मार डाला। शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि इन सात लोगों में से एक - गरिरुल इस्लाम - टीएमसी का प्रमुख स्थानीय नेता है।
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भाजपा का आरोप
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'ममता बनर्जी के वोट बैंक ने दो हिंदू व्यक्तियों की निर्मम हत्या की।' उन्होंने कहा कि मृतकों के शरीर पर चोट और खून के निशान हैं, जिससे ये मामला संदिग्ध लगता है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों पर आरोप है, वे सब फरार हैं और उनके घरों में ताले लगे हैं। शुभेंदु अधिकारी ने 14 जुलाई (सोमवार) को खेजुरी बंद बुलाने की घोषणा की है।
पुलिस और टीएमसी की प्रतिक्रिया
पुलिस ने अधिकारी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता चल पाएगा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'अब तक की जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि उन्हें पीटा गया या किसी हथियार से हमला किया गया।' स्थानीय टीएमसी नेता उत्तम बारिक ने भी इसे एक दुर्घटना बताया और कहा कि इस मामले में कोई साजिश नहीं है। उन्होंने शुभेंदु अधिकारी पर सांप्रदायिक माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए कहा, 'वह एक गंदी राजनीति खेल रहे हैं और लोगों को धर्म के नाम पर बांटना चाहते हैं।'