टीएमसी राज्यसभा सांसद और गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लुइजिन्हो फलेरियो ने इस्तीफा दे दिया है। राज्यसभा ने लुइजिन्हो के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से गोवा में पार्टी के मामलों से दूर रहने के कारण फलेरियो से टीएमसी पदाधिकारियों द्वारा इस्तीफा मांगा जा रहा था।
फलेरियो ने कहा कि वह खुद को इस जिम्मेदारी से मुक्त करना चाहते हैं ताकि गोवा के हित में फिर से एक सिपाही के रूप में काम कर सकें। वह जल्द ही टीएमसी से भी इस्तीफा दे देंगे। फलेरियो सितंबर 2021 में टीएमसी में शामिल होने से पहले कांग्रेस में थे। उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक दलों ने उनसे संपर्क किया है। हालांकि इस समय मैं किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं हो रहा हूं। मैंने राज्यसभा सदस्य के रूप में इस्तीफा दे दिया है।
मामले में टीएमसी के एक नेता ने कहा कि चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही पार्टी इस सीट के लिए नए उम्मीदवार की घोषणा करेगी। फलेरियो को लंबे समय से गोवा में पार्टी के मामलों से दूर रखा जा रहा था और उन्हें टीएमसी नेतृत्व द्वारा राज्यसभा से इस्तीफा देने के लिए कहा जा रहा था। टीएमसी सूत्रों ने कहा कि उन्हें कुछ महीने पहले इस्तीफा देने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने कुछ समय मांगा था।
फलेरियो ने अपने दो पन्नों के त्यागपत्र में कहा कि उन्होंने गोवा का निवासी सांसद होने लेकिन गोवा से सांसद नहीं होने की चुनौती और निराशा का सामना किया। जब मैंने सांसद विकास निधि (एमपीलैड) कोटा से धन हासिल करने का प्रयास किया, तो मुझे एहसास हुआ कि मैं अपने आवंटित धन का केवल 25,00,000 रुपये उस राज्य (पश्चिम बंगाल) के बाहर खर्च कर सकता हूं, जहां से मैं चुना गया हूं।
फलेरियो ने स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय फ्रांसिस्को लुइस गोम्स के नाम पर एक स्मारक बनाने के अपने प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि मैं थोड़ा और जुटा सकता, लेकिन वह भारत के पहले स्वतंत्रता सेनानी और गोवा के एक व्यक्ति को सम्मान देने के मेरे सपने के लिए पर्याप्त नहीं होता। फलेरियो ने कहा कि पार्टी को आवंटित सीमित समय के कारण गोवा से संबंधित मुद्दों को उठाने के लिए राज्यसभा में अधिक समय नहीं होता था, जिससे वह गोवा के मुद्दों को उस तरह से नहीं उठा पाते थे, जिस तरह से एक प्रभाव के लिए उठाना जरूरी था।
यह है पूरा मामला
टीएमसी के सूत्रों के मुताबिक, फलेरियो ने 2022 विधानसभा चुनाव में गोवा फॉरवर्ड पार्टी के नेता विजय सरदेसाई के खिलाफ फतोर्दा से चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। इस वजह से पार्टी का शीर्ष नेतृत्व फलेरियो से खफा चल रहा था। साल 2022 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हए टीएमसी ने राज्यसभा सांसद अर्पिता घोष से इस्तीफा मांगकर फलेरियो को 2021 में राज्यसभा भेज दिया था। अर्पिता घोष का कार्यकाल 2026 तक था।