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TMC: टीएमसी नेता डेरेक का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला; कहा- मानसून सत्र को बाधित करने के तरीके खोजती रही सरकार

Sat, 23 Aug 2025 11:49 AM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ऑपरेशन सिंदूर से लेकर बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर हुए हंगामे के साथ संसद का मानसून सत्र 21 अगस्त बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र के दौरान हंगामे के चलते संसद के 166 घंटे बर्बाद हो गए। इससे जनता के टैक्स के करीब 248 करोड़ रुपये डूब गए।
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डेरेक ओ ब्रायन - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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संसद का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र पूरे मानसून सत्र के दौरान बचाव की मुद्रा में रहा। केंद्र सरकार मानसून सत्र को बाधित करने के तरीके खोजती रही
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टीएमसी ने एक्स पर सत्तारूढ़ गठबंधन को कमजोर कहा। उन्होंने कहा कि पूरे मानसून सत्र में 239 सीटों वाला मोदी गठबंधन रक्षात्मक मुद्रा में रहा। भारत के उपराष्ट्रपति लापता हो गए और भाजपा को अभी तक नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं मिला। वोट चोरी घोटाला भी हुआ। दबाव में आकर उन्होंने पूरे सत्र को प्रभावित करने और बाधित करने के तरीके खोज निकाले।

21 अगस्त को खत्म हुआ संसद का मानसून सत्र
ऑपरेशन सिंदूर से लेकर बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर हुए हंगामे के साथ संसद का मानसून सत्र 21 अगस्त बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। यह सत्र सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव, अंतिम दो सप्ताह में थोक में निपटाए गए विधायी कामकाज, जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफे और जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू करने के कारण चर्चा में रहा।
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27 विधेयक हो सके पारित
एसआईआर पर विपक्ष के हंगामे के कारण संसद के 166 घंटे बर्बाद हो गए। इससे जनता के टैक्स के करीब 248 करोड़ रुपये डूब गए। हंगामे के कारण लोकसभा के 84.5 घंटे, जबकि उच्च सदन राज्यसभा के 81.12 घंटे बर्बाद हो गए। राज्यसभा की कार्यवाही 38.88 घंटे ही चल सकी। हालांकि, अंतिम नौ कार्य दिवसों में ताबड़तोड़ विधायी कामकाज निपटाए गए। राज्यसभा में 15 तो लोकसभा में 12 विधेयक पारित किए गए। विपक्ष के हंगामे के बीच सभी विधेयक या तो बिना किसी चर्चा के या चर्चा की औपचारिकता निभाकर ध्वनिमत से पारित कराए गए। देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम पर विशेष चर्चा में भी विपक्ष ने हिस्सा नहीं लिया और यह चर्चा अधूरी रही।
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