पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता अभिषेक बनर्जी शनिवार को देश के 'एक फीसदी न्यायतंत्र' पर बरसे। उन्होंने राज्य में हर मामले में सीबीआई जांच का आदेश देने के लिए बनर्जी ने आक्रोश व्यक्त किया। पूर्व मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों की ओर से किए जा रहे उत्पीड़न का बदला हमने दो भाजपा सांसदों को टीएमसी में शामिल करके लिया है।
अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'मैं यह बात कह कर बहुत शर्मिंदा महसूस कर रहा हूं कि न्यायतंत्र में एक या दो लोग ऐसे हैं जो (पश्चिम बंगाल के) हर मामले में सीबीआई जांच का आदेश दे रहे हैं। यह न्यायतंत्र का केवल एक फीसदी है।' उन्होंने आगे कहा कि अगर आपको लगता है कि सच बोलने के लिए आप मेरे खिलाफ कार्रवाई करेंगे, तो मैं हजार बार सच बोलूंगा।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पिछले कुछ महीनों के दौरान कई मामलों में सीबीआई जांच का आदेश दिया है। इनमें स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) की ओर से भर्ती अभियान भी शामिल है।
'अपने दरवाजे खोल दें तो बंगाल से भाजपा का अस्तित्व मिट जाएगा'
टीएमसी महासचिव ने कहा कि हमें डराने के लिए सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का दुरुपयोग हो रहा है। वह बंगाल से जुड़े मामलों में मुझे दो बार दिल्ली समन कर चुके हैं। वह मेरा उत्पीड़न करने की कोशिश कर रहे थे। मैंने फैसला किया कि दो भाजपा सांसदों को अपनी पार्टी में शामिल कर मैं उन्हें करारा जवाब दूंगा। उन्होंने कहा कि यदि हम अपने दरवाजे खोल दें तो भाजपा का राज्य में अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
बैरकपुर से सांसद अर्जुन सिंह पिछले सप्ताह और आसनसोल से सांसद बाबुल सुप्रियो पिछले साल सितंबर में भाजपा का साथ छोड़ टीएमसी में शामिल हो गए थे।
सुवेंदु अधिकारी को भी घेरा, मेदिनीपुर की विरासत बेचने का आरोप
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को निशाने पर लेते हुए बनर्जी ने दावा किया कि अधिकारी ने खुद को सीबीआई और ईडी से बचाने के लिए मेदिनीपुर की विरासत का सौदा किया है। उन्होंने कहा, 'एक व्यक्ति था जो सरकार और पार्टी के बीच अवरोध की तरह काम करता था। मैं यहां वह अवरोध तोड़ने के लिए आया हूं। उस व्यक्ति ने खुद को बचाने के लिए अपनी आत्मा और मेदिनीपुर की विरासत व भावनाएं बेच दी हैं। वह एक कृतघ्न व्यक्ति है।'