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BJP Vs TMC: घुसपैठ के मुद्दे पर टीएमसी ने अमित शाह पर किया पलटवार, कहा- सीमा सुरक्षा बीएसएफ की जिम्मेदारी

Sun, 01 Jun 2025 08:09 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। ये मामला राज्य में कथित घुसपैठ, सीमा सुरक्षा और चुनावी हिंसा को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाने का है।
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टीएमसी का अमित शाह पर हमला - फोटो : ANI
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विस्तार
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस आरोप पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि- पश्चिम बंगाल सरकार घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है। इस पर टीएमसी ने कहा कि सीमा सुरक्षा बीएसएफ की जिम्मेदारी है, जो केंद्र सरकार के अधीन काम करती है। दो दिवसीय बंगाल दौरे पर आए अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार बांग्लादेश से अवैध आव्रजन को रोकने में केंद्र के साथ सहयोग नहीं कर रही है।
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अमित शाह का टीएमसी पर हमला
रविवार को पश्चिम बंगाल में एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि राज्य 'घुसपैठ, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था की खराब स्थिति' का केंद्र बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार ने जानबूझकर सीमा पर बाड़बंदी (फेंसिंग) के लिए जरूरी जमीन देने से इनकार कर दिया है। अमित शाह ने यहां तक कह दिया कि अगर हिंसा नहीं हो, तो ममता बनर्जी चुनाव में अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएंगी।

भाजपा पर TMC का पलटवार
इन आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ टीएमसी नेता और राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, 'सीमा पर घुसपैठ को रोकना बीएसएफ की जिम्मेदारी है, न कि टीएमसी की। बीएसएफ केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है। अगर कोई समस्या है, तो केंद्र सरकार को इसे हल करना चाहिए। राज्य सरकार को दोषी ठहराना गलत है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'अगर कोई कहता है कि टीएमसी घुसपैठ की इजाजत देती है, तो मैं साफ कर दूं कि इसे रोकने का काम बीएसएफ का है और इसकी जिम्मेदारी खुद गृह मंत्री की है।'
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भूमि अधिग्रहण पर टीएमसी की सफाई
गृह मंत्री अमित शाह के इस आरोप पर कि राज्य सरकार सीमा बाड़बंदी के लिए जमीन नहीं दे रही है, चंद्रिमा भट्टाचार्य ने जवाब दिया। 'राज्य ने फेंसिंग रोकने का कोई काम नहीं किया है। जमीन अधिग्रहण एक कानूनी प्रक्रिया है और इसे राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए।' वहीं टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने अमित शाह के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, 'गृह मंत्री को एक संवैधानिक पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। वे एक भाजपा नेता की तरह व्यवहार कर रहे हैं। जब टीएमसी भारत सरकार के साथ खड़ी है, तब गृह मंत्री बंगाल आकर हमारी मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।'

उन्होंने यह भी कहा, 'अमित शाह की राजनीति केवल 'फूट डालो और राज करो' की नीति पर चलती है।' टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अमित शाह को जवाब देते हुए लिखा, 'गृह मंत्री जी, चुनाव केंद्रीय बलों की निगरानी में होते हैं, जिनकी तैनाती केंद्र सरकार करती है। अगर आप कह रहे हैं कि निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते, तो ये आपकी ही विफलता है, राज्य की नहीं। चुनावी हिंसा की ज़िम्मेदारी केंद्र की है।'
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