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Bengal: 'धर्मनिरपेक्ष ताकतों को कमजोर करने का ठेका लिया', हुमायूं कबीर-ओवैसी गठबंधन पर बिफरीं TMC और कांग्रेस

Mon, 23 Mar 2026 03:46 PM IST
Nitin Gautam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के बीच गठबंधन का एलान हुआ है। जिस पर विपक्षी राजनीतिक पार्टियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आइए जानते हैं कि किस पार्टी ने क्या कहा है। 
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पश्चिम बंगाल चुनाव - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले एआईएमआईएम और हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी के बीच गठबंधन की राजनीतिक दलों ने सोमवार को कड़ी आलोचना की। विपक्ष का कहना है कि इस तरह के गठजोड़ से वोटों का बंटवारा हो सकता है और 'धर्मनिरपेक्ष दलों' को नुकसान पहुंचेगा। बंगाल की 294 सीटों पर दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।
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क्या बोले विपक्षी पार्टियों के नेता
  • टीएमसी सांसद सौगत ने इस गठबंधन को नकारात्मक बताते हुए कहा कि इससे मुस्लिम मतदाता अलग-थलग पड़ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी की पार्टी असल में भाजपा की मदद कर रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसका ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
  • कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने आरोप लगाया कि 'कुछ लोगों ने धर्मनिरपेक्ष ताकतों को कमजोर करने का ठेका ले रखा है।'
  • कांग्रेस के ही सांसद उज्जवल रमन सिंह ने कहा कि गठबंधन बनाना राजनीतिक फैसला है, लेकिन प्राथमिकता सांप्रदायिक ताकतों को हराना होनी चाहिए।
  • शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि एआईएमआईएम अक्सर भाजपा को फायदा पहुंचाती है। उन्होंने कहा, 'जब भी भाजपा संकट में होती है, एआईएमआईएम उसकी मदद के लिए सामने आ जाती है।'
  • झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माझी ने एआईएमआईएम को भाजपा की बी-टीम करार देते हुए कहा कि पार्टी चुनाव में उतरकर विपक्ष के वोट काटती है, जिससे भाजपा को फायदा मिलता है। उन्होंने कहा कि बंगाल में मतदाताओं, खासकर मुस्लिम समुदाय ने पहले ममता बनर्जी का समर्थन इसलिए किया क्योंकि वे भाजपा को हराने में सक्षम थीं। लेकिन एआईएमआईएम के मैदान में उतरने से मुस्लिम वोटों का बंटवारा होता है, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिलता है।
पश्चिम बंगाल में मुस्लिम मतदाता 85 सीटों पर निर्णायक स्थिति में हैं। ये सीटें राज्य के पांच जिलों में फैली हैं, जिनमें मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर, बीरभूम और दक्षिण 24 परगना शामिल हैं। ये जिले मुस्लिम बहुल हैं, जहां मुर्शिदाबाद में 66 फीसदी, मालदा में 51 फीसदी, उत्तरी दिनाजपुर में 49 फीसदी, बीरभूम में 37 फीसदी और दक्षिण 24 परगना में 35 फीसदी के करीब मुस्लिम आबादी रहती है। इन सीटों पर हुमायूं कबीर और ओवैसी का गठबंधन ठीक-ठाक वोट पा सकता है, जिससे टीएमसी, कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों को नुकसान हो सकता है। 

हुमायूं कबीर का 182 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान
हुमांयू कबीर ने आगामी विधानसभा चुनाव में 182 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। हुमायूं कबीर 15 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का एलान भी कर चुके हैं। हुमायूं कबीर खुद रेजीनगर सीट से चुनाव लड़ेंगे। हुमायूं कबीर दो मुर्शिदाबाद जिले की दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे। जिनमें रेजीनगर के अलावा नौवाला सीट शामिल है। 
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