पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत हासिल की है। भाजपा की जीत के बाद से ही राज्य में बड़ी संख्या में टीएमसी के दफ्तरों में तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं पर भाजपा ने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने और टीएमसी की तरह व्यवहार न करने की अपील की है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद कई जगहों पर तोड़फोड़ और बवाल की खबरें सामने आई हैं। वहीं, स्वरूपनगर विधानसभा सीट से जीतने वाली तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार बीना मंडल के घर पर हमला किया गया है। बताया जा रहा है कि बोंगांव में भीड़ ने बीना मंडल के घर में तोड़फोड़ की और उनकी गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया।
विज्ञापन
टीएमसी की नवनिर्वाचित विधायक बीना मंडल ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर तोड़फोड़ और हमला करने का आरोप लगाया है। टीएमसी के नेता अभिषेक बनर्जी ने भी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कई जगहों पर हिंसा होने का आरोप लगाया है।
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव नतीजों के बाद व्यापक हिंसा का दावा करते हुए कहा कि भाजपा समर्थकों ने उत्सव के नाम पर राज्य भर में 300 से 400 पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की। उन्होंने यह भी दावा किया कि उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूपनगर में विजयी टीएमसी उम्मीदवार बीना मंडल के घर में तोड़फोड़ की गई और उनकी कार को नुकसान पहुंचाया गया।
विज्ञापन
हिंसा की खबरों पर चुनाव आयोग सख्त
पश्चिम बंगाल में मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद हिंसा की खबरों पर चुनाव आयोग ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने मंगलवार को राज्य प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि चुनाव के बाद होने वाली किसी भी तरह की हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला, डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आदेश दिया है।
शांति भंग करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट की कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारी ने कहा, 'शांति भंग करने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा। चुनाव आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को चुनाव बाद की हिंसा के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने को कहा है। इसमें शामिल व्यक्ति चाहे कोई भी हो, उसके प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।'