पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों के मद्देनजर प्रशिक्षण सत्र के दौरान एक मतदान अधिकारी की पिटाई का मामला सामने आया है। प्रशिक्षण सत्र में कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के प्रचार वीडियो चलाए जाने पर आपत्ति जताने वाले एक मतदान अधिकारी सैकत चटर्जी की पिटाई कर दी गई। यह घटना शुक्रवार दोपहर नादिया जिले के राणाघाट में आयोजित एक चुनावी प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हुई।
चुनाव प्रशिक्षण में हंगामा
यह घटना राणाघाट देबनाथ इंस्टीट्यूट फॉर बॉयज स्कूल में हुई, जहां मतदान कर्मियों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रशिक्षण सत्र के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से संबंधित कुछ वीडियो और पूर्वी मेदिनीपुर जिले के दीघा में जगन्नाथ मंदिर के दृश्य दिखाए गए थे।
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घटना के बाद चेहरे पर चोट के निशान और खून से सराबोर सैकत चटर्जी ने मीडिया को बताया कि उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, क्योंकि यह आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन था। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने एक युवक से उसकी पहचान का प्रमाण मांगा, तो वह युवक और उसके साथियों ने उन पर गंभीर हमला कर दिया। बाद में उन्हें पता चला कि हमलावर स्थानीय ब्लॉक विकास कार्यालय से जुड़े हुए थे।
बीडीओ ने किया घटना से इनकार
हालांकि, स्थानीय ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) सायंतन बसु ने कहासुनी होने की बात कही, लेकिन पिटाई के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि चटर्जी की कुछ लोगों के साथ बहस हुई थी, लेकिन मामले को सुलझा लिया गया था। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम फिर से शुरू हो गया था। उन्होंने कहा कि हो सकता है बाद में कोई दिक्कत हुई हो।
मतदान कर्मियों ने जताया विरोध, पुलिस ने की ये कार्रवाई
इस घटना के बाद मतदान कर्मियों ने प्रशिक्षण केंद्र के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक मतदान अधिकारी पर इस तरह हमला कैसे किया जा सकता है। पुलिस बाद में घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में किया।
भाजपा ने साधा तृणमूल कांग्रेस पर निशाना
राणाघाट निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के लोकसभा सदस्य जगन्नाथ सरकार ने इस घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने पूरे राज्य में भय का माहौल बना रखा है और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी तृणमूल कांग्रेस के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं।
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चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट
चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया है और राज्य के पुलिस महानिदेशक, जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक और संबंधित उप-विभागीय अधिकारी से तत्काल रिपोर्ट मांगी है। पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि संबंधित पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। प्राथमिकी दर्ज करने के अलावा, घटना में शामिल लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने का भी आदेश दिया गया है।
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