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TMC: पीएम, सीएम को पद से हटाने संबंधी विधेयक पर बनी जेपीसी में नहीं होंगे टीएमसी सांसद, पार्टी ने बताया- तमाशा

Sat, 23 Aug 2025 02:02 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

दोनों सदनों ने विधेयकों को एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजने का प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल होंगे। समिति को संसद के शीतकालीन सत्र में सदन को अपनी रिपोर्ट पेश करनी है।
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ममता बनर्जी, सीएम, पश्चिम बंगाल - फोटो : ANI
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विस्तार
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तृणमूल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने की रूपरेखा तय करने वाले तीन विधेयकों पर विचार के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को 'तमाशा' करार देते हुए कहा कि वह इसमें कोई सदस्य नहीं भेजेगी। केंद्र सरकार ने मानसून सत्र के दौरान केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक 2025, संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025 लोकसभा में पेश किए। विपक्ष के हंगामे के बाद इन्हें संसद की एक संयुक्त समिति को भेज दिया गया है। 
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टीएमसी ने जेपीसी को बताया तमाशा
तृणमूल कांग्रेस ने एक बयान में कहा, 'हम 130वें संविधान संशोधन विधेयक का अभी प्रस्ताव के चरण में ही विरोध करते हैं और हमारे विचार से जेपीसी एक तमाशा है। इसलिए, हम तृणमूल कांग्रेस से किसी को नामित नहीं कर रहे हैं।' प्रस्तावित विधेयक में गंभीर आरोपों में लगातार 30 दिनों तक गिरफ्तार रहने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान है। दोनों सदनों ने विधेयकों को एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजने का प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल होंगे। समिति को संसद के शीतकालीन सत्र में सदन को अपनी रिपोर्ट पेश करनी है। शीतकालीन सत्र नवंबर के तीसरे सप्ताह में आयोजित होने की संभावना है।

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ममता बनर्जी ने भी विधेयकों का किया था कड़ा विरोध
टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पूर्व में भी इन विधेयकों की आलोचना की और इन्हें सुपर आपातकाल से भी बढ़कर भारत के लोकतांत्रिक युग को हमेशा के लिए समाप्त करने की दिशा में एक कदम बताया था। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इन विधेयक का उद्देश्य एक व्यक्ति-एक पार्टी की प्रणाली को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक संविधान के मूल ढांचे को रौंदने वाला है। 

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