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बंगाल में सियासी घमासान: तलाशी पर भड़के टीएमसी नेता, कहा- सिर्फ हमारी गाड़ियां क्यों रोक रहा चुनाव आयोग?

Tue, 14 Apr 2026 10:37 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, कोलकाता

सार

तृणमूल कांग्रेस ने एक बार फिर से चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया है। 'दीदी की पार्टी' के नेताओं ने कहा कि आयोग के फ्लाइंग स्क्वॉड जानबूझकर अभिषेक बनर्जी और टीएमसी मंत्रियों की गाड़ियों की तलाशी ले रहे हैं। पार्टी का दावा है कि आंतरिक वॉट्सऐप ग्रुप्स में केवल टीएमसी नेताओं को सार्वजनिक रूप से चेक करने के निर्देश दिए गए हैं।
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ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है। इस बीच सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और चुनाव आयोग के बीच ठन गई है। टीएमसी ने चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि उनके नेताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और उनकी गाड़ियों की 'अनावश्यक' तलाशी ली जा रही है।
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क्या है पूरा मामला?
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता संदेह के घेरे में है। पार्टी का दावा है कि आयोग के सुरक्षा घेरे में तैनात जवान केवल टीएमसी नेताओं, खासकर अभिषेक बनर्जी और उनके करीबियों की गाड़ियों को रोककर उनकी तलाशी ले रहे हैं। टीएमसी के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने कहा, 'आखिर केवल टीएमसी नेताओं को ही इस तरह की अपमानजनक तलाशी के लिए क्यों चुना जा रहा है? क्या बाकी दलों के नेता पाक-साफ हैं? यह साफ तौर पर भेदभाव और हमें डराने की कोशिश है।'

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वॉट्सऐप मैसेज से खुलासे का दावा
इतना ही नहीं, ममता दीदी की पार्टी ने कुछ स्क्रीनशॉट का हवाला भी दिया है। टीएमसी का कहना है कि ये स्क्रीनशॉट पुलिस ऑब्जर्वर के एक आंतरिक वॉट्सऐप ग्रुप के हैं। आरोप है कि 'फ्लाइंग स्क्वॉड' को ऊपर से सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे उन सभी नेताओं और मंत्रियों की जांच करें जिन्हें सरकारी सुरक्षा मिली हुई है।

हैरान करने वाली बात यह है कि टीएमसी ने दावा किया है कि इन निर्देशों में कथित तौर पर कहा गया है कि मुख्यमंत्री को छोड़कर बाकी सभी नेताओं की दिनदहाड़े जनता के सामने तलाशी ली जाए। इसमें अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी का नाम भी शामिल हैं।
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'बाहरी राज्यों से आ रहा है पैसा'
टीएमसी नेता और राज्य मंत्री ब्रात्य बसु ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों और चुनावी मशीनरी का इस तरह इस्तेमाल करना लोकतंत्र के लिए खतरा है। वहीं, कुणाल घोष ने कहा कि वॉट्सऐप ग्रुप में यह भी दावा किया जा रहा है कि झारखंड और बिहार जैसे पड़ोसी राज्यों से बड़ी मात्रा में कैश बंगाल भेजा जा रहा है। घोष ने स्पष्ट किया कि हमारे पास छिपाने को कुछ नहीं है, लेकिन अगर तलाशी लेनी है तो बाहर से आने वाली गाड़ियों की ली जाए, न कि केवल स्थानीय नेताओं को परेशान किया जाए।

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