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Tirupati: तिरुपति बालाजी मंदिर घी मिलावट केस, ईडी की 15 स्थानों पर रेड; आपराधिक आय से 45 करोड़ का निवेश

Wed, 03 Jun 2026 08:02 PM IST
Rahul Kumar डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : अमर उजाला
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने बुधवार को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) घी मिलावट मामले में 15 स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। ईडी की कई टीमें अहिल्यानगर, बीकानेर, देहरादून, दिल्ली, डिंडीगुल, गुंटूर, मुंबई और रुड़की आदि शहरों में पहुंची। इस तलाशी अभियान में पोमिल जैन, विपिन जैन, राजू राजशेखरन, राजेश मनसुखलाल चावड़ा, अपूर्वा विनयकांत चावड़ा, मचिंद्रा शांताराम लंके, अजय कुमार सुगंध, महेश कुमार रोहिरा और आशीष अग्रवाल के आवासीय व कार्यालय परिसर शामिल थे। इस दौरान 60 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई। 
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ईडी के मुताबिक, तलाशी के दौरान अपराध की आय (पीओसी) के 45 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों में निवेश का भी खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी को आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज कई अचल संपत्तियों का विवरण भी प्राप्त हुआ है। तलाशी अभियान में डिंडीगुल स्थित एआर डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड, अहिल्यानगर स्थित मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और रुड़की स्थित भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क प्राइवेट लिमिटेड के डेयरी संयंत्रों को भी शामिल किया गया। 

ईडी ने उक्त कंपनियों में तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं। इससे पता चलता है कि अपराध की आय को छिपाने, उसका कई स्तरों पर इस्तेमाल करने और फर्जी खरीद-फरोख्त के लेन-देन को सुविधाजनक बनाने के कानूनी संस्थाओं के एक जटिल नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था। ईडी ने एआर डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर पीएमएलए, 2002 के तहत जांच शुरू की। 
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आरोपियों ने कुछ टीटीडी अधिकारियों के साथ मिलकर आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी की और मिलावटी घी की आपूर्ति करके टीटीडी को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाया। अब तक की जांच से पता चला है कि टीटीडी को मिलावटी घी की आपूर्ति से प्राप्त अपराध की आय को बाद में आपस में जुड़ी कानूनी संस्थाओं और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के एक जटिल जाल के माध्यम से अचल संपत्तियों में निवेश किया गया। इसका मकसद, धन के अवैध स्रोत को छिपाना था। 
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