तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन ने तिरुचिरापल्ली में आयोजित पार्टी सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा और एआईएडीएमके पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा, 'तमिलनाडु एनडीए को हमेशा 'ना' कहेगा, क्योंकि केंद्र सरकार तमिलनाडु की मांगों और प्रतिनिधित्व को नजरअंदाज करती रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में एनडीए के लिए हमेशा 'नो एंट्री' रहेगी।' उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, एआईएडीएमके के 'मास्क' का इस्तेमाल करके राज्य में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि लोग इस सच्चाई को पहचानते हैं और डीएमके इस 'मास्क' को फाड़कर सच्चाई सामने लाएगी।
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'तमिलनाडु पर कब्जा करना चाहती है भगवा राजनीति'
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि 'भगवा राजनीति' तमिलनाडु पर कब्जा करना चाहती है, लेकिन डीएमके ऐसा होने नहीं देगी। उनके अनुसार भाजपा धीरे-धीरे एआईएडीएमके को अपने प्रभाव में लेकर तमिलनाडु में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने अपने एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पाडी के. पलानीस्वामी पर भी तीखा हमला बोला। सीएम स्टालिन ने आरोप लगाया कि पलानीस्वामी मुख्यमंत्री बनने के लिए भाजपा के गुलाम बन गए हैं।
'मेरा जीवन जनता-पार्टी कार्यकर्ताओं को समर्पित'
सीएम स्टालिन ने आगे कहा कि वह अपने जीवन को जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए समर्पित मानते हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन 2026 के विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत की तैयारी का मंच है। सीएम स्टालिन ने अपने भाषण में क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे किसी मैच में बड़ी जीत हासिल करने के लिए पूरी रणनीति बनाई जाती है, उसी तरह यह सम्मेलन भी 2026 के चुनावों में शानदार जीत की तैयारी के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि तिरुचिरापल्ली शहर डीएमके के लिए हमेशा से ऐतिहासिक मोड़ और बड़ी जीत का प्रतीक रहा है।
बिहार का नाम लेकर भाजपा पर बोला हमला
सीएम स्टालिन ने इस दौरान बिहार की राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में कभी भाजपा का मुख्यमंत्री नहीं रहा, लेकिन चुनाव जीतने के लिए नीतीश कुमार को आगे रखा गया और अब उन्हें किनारे किया जा रहा है। इसके जरिए उन्होंने भाजपा की राजनीति पर सवाल उठाए।
'डीएमके ने ही राज्य का नाम तमिलनाडु रखा था'
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएमके की एक मजबूत विरासत है और इसी पार्टी ने राज्य का नाम तमिलनाडु रखा था। उन्होंने कहा कि इसी शहर में पार्टी कार्यकर्ता यह संकल्प लेने के लिए एकत्र हुए हैं कि राज्य में डीएमके का शासन लगातार बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले तिरुचिरापल्ली में जो सात प्रमुख लक्ष्य घोषित किए गए थे, उनकी दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि निवेश के मामले में भी राज्य ने बड़ी प्रगति की है। उनके अनुसार 2016 से 2021 के बीच एआईएडीएमके सरकार के दौरान 471 समझौता ज्ञापन हुए थे, जबकि डीएमके सरकार के कार्यकाल में 1,190 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
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डीएमके शासन की योजनाओं का किया जिक्र
सीएम स्टालिन ने इस दौरान कई कल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य में 1.31 करोड़ महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री नाश्ता योजना से लगभग 19.34 लाख बच्चों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 'पुथुमई पेन थिट्टम' योजना के तहत 6.95 लाख छात्राओं को हर महीने 1,000 रुपये दिए जा रहे हैं। वहीं 'तमिल पुथलवन थिट्टम' योजना के जरिए 5.40 लाख पुरुष छात्रों को भी मासिक आर्थिक सहायता मिल रही है।
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