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स्वाइन फ्लू से अब तक 226 की मौत, 6 हजार वायरस पॉजिटिव मामले आए सामने

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Mon, 11 Feb 2019 01:44 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI

भारत में स्वाइन फ्लू लोगों के लिए जानलेवा बनता जा रहा है। इसी साल की शुरुआत में 6 हजार लोगों की स्वाइन फ्लू से पॉजिटिव रिपोर्ट आई हैं। अभी तक इस बीमारी ने 226 लोगों की जान ले ली है। नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के डाटा के अनुसार सबसे ज्यादा हालात राजस्थान में खराब हैं। यहां से ऐसे 2,263 मामले सामने आए हैं। इसके बाद दिल्ली का नंबर आता है। यहां ऐसे 1,011 मामले सामने आए हैं। 

दिल्ली में सामने आए इतने मामले

2013 में ऐसे 1,511, 2015 में 4,307, 2017 में 2,835 और 2019 में 1,011 मामले सामने आए हैं।

देशभर से सामने आए इतने मामले

साल 2012 में ऐसे  5,044 मामले सामने आए, 2015 में 42,592, 2017 में 38,811 और 2019 में 6,601 मामले सामने आए हैं। 



बता दें साल 2019 के आंकड़े जनवरी से लेकर 3 फरवरी तक के हैं।

चिंता क्यों करनी चाहिए?

  • H1N1 वायरस का खतरा बढ़ जाता है, जो इस बीमारी का कारण बनता है।
  • मृत्यु की संख्या अभी भी अधिक बनी हुई है।
  • कई मरीजों को सासं लेने में दिक्कत हो रही है, उन्हें नेबुलाइजेशन और वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ रही है।
  • इस बीमारी के इलाज में देरी हो जाती है क्योंकि इसके लक्षण दूसरे वायरस के कारण होने वाली बीमारी की तरह ही होते हैं।

किसे सबसे ज्यादा खतरा?

  • बुजुर्ग,
  • शुगर और किडनी के मरीज,
  • कैंसर के मरीज,
  • एचआइवी के मरीज,
  • जिसकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है उसे भी सबसे अधिक खतरा रहता है।

कैसे फैसला है स्वाइन फ्लू?

यह बीमारी व्यक्ति से व्यक्ति को होती है, जब कोई फ्लू से पीड़ित मरीज छींकता है तो उसके आसपास में मौजूद व्यक्तियों के शरीर में इस स्वाइन फ्लू का वायरस सांस के माध्यम से प्रवेश कर जाता है।

क्या हैं मुख्य लक्षण?

  • बुखार,
  • खांसी,
  • सिर दर्द,
  • मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द,
  • गले में खराश,
  • बहती नाक,
  • उलटी और दस्त।

क्या हैं गंभीर लक्षण?

  • सांस लेने में परेशानी,
  • निमोनिया,
  • अंगों का फेल हो जाना।

क्या हैं बचाव के उपाय?

  • खुद भी साफ रहें और आसपास सफाई बनाए रखें,
  • कीटाणुनाशकों से नियमित तौर पर हाथ धोएं,
  • घर के परदे और टेबल आदि को साफ रखें,
  • अगर लंबे समय तक बुखार रहता है तो डॉक्टर को सूचित करें,
  • किसी भी तरह के लक्षण को नजरअंदाज न करें जैसे सांस लेने में तकलीफ आदि।


सोर्स: नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (एनसीडीसी)

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