विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि यूक्रेन-रूस के संघर्ष के समाधान के लिए ये अभी शुरुआती दिन हैं, क्योंकि अभी अनाज गलियारे, परमाणु मुद्दों और युद्ध बंदियों के आदान-प्रदान से संबंधित मामलों जैसी समस्याओं पर फोकस किया जा रहा है।
एक सरकारी समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की थी। लोग हमें एक मददगार देश के रूप में देखते हैं जिसकी अपनी लाइन है। उन्होंने कहा कि हर संघर्ष का एक निश्चित बिंदु होना चाहिए जहां देश किसी न किसी तरह के समाधान के लिए तैयार हों।
जयशंकर ने कहा, फिलहाल ज्यादातर समस्याएं अनाज गलियारे, परमाणु मुद्दों और युद्धबंदियों के आदान-प्रदान जैसे मामलों से संबंधित हैं। उन्होंने कहा, अगर आप संघर्ष के समाधान पर विचार कर रहे हैं तो मैं कहूंगा कि ये संभवत: रूस-यूक्रेन (संघर्ष) में बहुत शुरुआती दिन हैं। मोदी ने मई में हिरोशिमा में जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर जेलेंस्की से मुलाकात की थी।
पिछले साल फरवरी में यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से मोदी ने पुतिन के साथ-साथ जेलेंस्की से कई बार बात की है और जोर देकर कहा है कि संघर्ष को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। उज्बेकिस्तान के समरकंद शहर में पिछले साल 16 सितंबर को पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में मोदी ने कहा था कि 'आज का युग युद्ध का नहीं है'।