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TikTok In India: भारत में टिकटॉक वेबसाइट बैन हटे बिना खुल गई? कांग्रेस बोली- 'शहादत का सौदा'; सरकार ने दी सफाई

Fri, 22 Aug 2025 10:46 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Tik Tok: चीन के वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म टिकटॉक पर लगा प्रतिबंध करीब 5 साल बाद हटने के संकेत हैं। भारत में फिलहाल टिकटॉक का वेब वर्जन खुल रहा है। हालांकि एप अभी भारत में काम नहीं कर रहा है। कांग्रेस ने इस मामले में तीखी टिप्पणी की है। हालांकि, सरकारी सूत्रों ने प्रतिबंध हटाए जाने का खंडन किया है। जानिए क्या है पूरा मामला
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भारत में टिकटॉक की वेबसाइट खुलने से हैरानी, सरकार के सूत्र बोले- नहीं हटाया प्रतिबंध - फोटो : एएनआई / अमर उजाला
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विस्तार
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चीनी वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म टिकटॉक की वेबसाइट लगभग पांच वर्षों के बाद भारत फिर से लाइव हो गई है। टिकटॉक की वेबसाइट का मुख्य और लॉगइन पेज खुल रहा है। हालांकि सरकार की ओर से चीनी वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध हटाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यूजर्स जब टिकटॉक की वेबसाइट का एड्रेस वेब ब्राउजर में डाल कर सर्च कर रहे हैं तो होमपेज खुल रही है।
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भारत सरकार ने अनब्लॉक करने का आदेश जारी नहीं किया
सरकारी सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई पर जारी सूचना के मुताबिक, 'भारत सरकार ने TikTok को अनब्लॉक करने का कोई आदेश जारी नहीं किया है। ऐसा कोई भी बयान/खबर झूठी और भ्रामक है।'
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कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला
इससे पहले भारत में टिकटॉक की साइट खुलने की खबर को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा है कि नरेंद्र मोदी का चीन प्रेम, देश प्रेम पर भारी पड़ा है। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने एक्स पर लिखा कि भारत में चीन की कंपनी 'टिक टॉक' की वेबसाइट चलने लगी है।

कांग्रेस के दबाव में हेड लाइन मैनेज करने को 'टिकटॉक' बैन ?
कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर जारी बयान में आगे लिखा गया कि चीन से झड़प में हमारे 20 जांबाज सैनिक शहीद हुए। पहले तो नरेंद्र मोदी ने चीन को क्लीनचिट दी। लेकिन.. जब कांग्रेस ने दबाव बनाया तो हेड लाइन मैनेज करने को 'टिकटॉक' बैन किया। अब मोदी फिर चीन से लप्पो झप्पो कर रहे हैं, चीन के विदेश मंत्री से मिले हैं और खुद चीन जाने वाले हैं.. और इस बीच ही टिक टॉक से जुड़ी ये खबर आ गई। 
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चीन के साथ भी शहादत का सौदा
कांग्रेस ने आगे लिखा कि साफ है...नरेंद्र मोदी का चीन प्रेम, देश प्रेम पर भारी पड़ा है। पाकिस्तान से सीजफायर की तरह चीन के साथ भी शहादत का सौदा कर दिया गया है।  भारत ने जनवरी 2021 में 59 चीनी एप्स को स्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया था, जिनमें टिकटॉक भी शामिल था। यह कदम सीमा पर चीन के साथ लंबे तनाव के बाद कदम उठाया गया।

क्या बदल रहे हैं दोनों देशों के रिश्ते?
बता दें कि हाल ही में भारत और चीन ने तीन निर्दिष्ट व्यापारिक बिंदुओं- लिपुलेख दर्रा, शिपकी ला दर्रा और नाथू ला दर्रा के माध्यम से सीमा व्यापार को फिर से शुरू करके संबंधों को सुचारू बनाने की दिशा में रचनात्मक कदम उठाए हैं। दोनों पक्ष चीन और भारत के बीच सीधी उड़ान सेवा जल्द से जल्द बहाल करने और एक अद्यतन हवाई सेवा समझौते को अंतिम रूप देने पर भी सहमत हुए हैं। दोनों देशों के बीच, दोनों दिशाओं में आने वाले पर्यटकों, व्यवसायों, मीडिया और अन्य आगंतुकों के लिए वीजा सुविधा पर भी सहमति बनी है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन की यात्रा भी करेंगे । शिखर सम्मेलन से इतर, प्रधानमंत्री चीन आने वाले कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं।

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देश की सुरक्षा और संप्रभुता पर खतरा, 2020 में सरकार ने लगाया प्रतिबंध 
गौरतलब है कि 2020 में भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों के डाटा संरक्षण को देखते हुए चीनी एप टिकटॉक पर कड़ी कार्रवाई की थी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत टिकटॉक समेत कई चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगाया था। इस पर सरकार का कहना था कि ये एप्स उपयोगकर्ताओं की संवेदनशील जानकारियां इकट्ठा कर चीन में मौजूद सर्वरों तक पहुंचा रहे थे, जिससे देश की सुरक्षा और संप्रभुता पर खतरा उत्पन्न हो रहा था। इस प्रतिबंध का असर विशेष रूप से युवाओं पर पड़ा है, क्योंकि टिकटॉक भारत में बेहद लोकप्रिय था और लाखों लोग इसे मनोरंजन व रोजगार के साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।
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