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Tigress Zeenat: 21 दिनों बाद आखिरकार पकड़ी गई 'जीनत', ओडिशा से भटककर बंगाल पहुंच गई थी बाघिन

Sun, 29 Dec 2024 09:23 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

Tigress Zeenat: 
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बाघिन जीनत - फोटो : एक्स/@MamataOfficial
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विस्तार
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ओडिशा के सिमिलिपाल बाघ अभयारण्य (एसटीआर) से भटक कर पश्चिम बंगाल के बांकुरा पहुंची बाघिन जीतन को आखिकार रविवार को पकड़ लिया गया। उसे बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया है। 21 दिनों तक चली इस खोज के दौरान उसने ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के तीन राज्यों में 300 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की। जीनत के पकड़े जाने की जानकारी बंगाल  की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर दी। उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया है। 

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माना जा रहा है कि पकड़ी गई बाघिन को कुछ समय तक निगरानी में रखने के बाद उसे वापस एसटीआर भेजा जाएगा। दो सप्ताह पहले एसटीआर से निकलने के बाद इस बाघिन ने दोनों राज्यों के वन्यजीव अधिकारियों को परेशान रखा था। मुख्य वन संरक्षक देबल रॉय ने बताया कि बाघिन को बेहोश करने के पिछले प्रयास विफल होने के बाद रविवार शाम 4:09 बजे एक डार्ट शॉट से शांत किया गया। उसके अस्थायी आवास का फैसला करने से पहले उसकी जांच की जाएगी।

उन्होंने बताया कि शनिवार रात तक वह गोपालपुर के जंगल में थी। यहां उसे दोहरे जाल के घेरे में रखा गया और धीरे-धीरे घेरे को छोटा किया गया। रविवार तड़के 1:20 बजे बाघिन को बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया, लेकिन कई प्रयासों के बावजूद उसे पूरी तरह बेहोश नहीं किया जा सका। पशु चिकित्सकों की अनुमति मिलने के बाद रविवार दोपहर में ऑपरेशन फिर से शुरू किया गया और शाम को बाघिन को पकड़ लिया गया। उन्होंने कहा, बाघिन बहुत उत्तेजित अवस्था में है और इसीलिए उसे बेहोश नहीं किया जा रहा है। रॉय ने बताया कि जीनत को फिलहाल कुछ आराम दिया गया है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर तीन पशु चिकित्सक मौजूद हैं।
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टीएटीआर से लाई गई थी एसटीआर
इस बाघिन को एक महीने पहले ही महाराष्ट्र के ताडोबा-अंधारी बाघ अभ्यारण्य (टीएटीआर) से एसटीआर में लाया गया था, लेकिन लगता है कि उसे जंगल रास नहीं आया और वह पहले झारखंड पहुंची और कुछ दिनों के बाद 120 किमी चलकर बांकुरा पहुंच गई। सिमलीपाल से भटककर आई जीनत ने 27 दिसंबर को बंदवान से लगभग 15 किलोमीटर का सफर तय कर मनबाजार ब्लॉक के जंगल में शरण ली थी, जहां वह 24 से 26 दिसंबर के बीच छिपी हुई थी। झारखंड से आने के बाद वह लगभग एक सप्ताह से पश्चिम बंगाल में हैं।
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