मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने इस मामले में हरियाणा के सोनीपत से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान समीर, जतिन और अंकित खटक के रूप में हुई है। पुलिस तीनों को मुंबई ले आई है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों को आगे की जांच के लिए पुलिस हिरासत में लेने की मांग की जा सकती है।
इस मामले में पुलिस हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क, फायरिंग के पीछे की वजह और कथित साजिश में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह से संभावित संबंधों की भी पड़ताल करनी है।
समीर पर अनिल पंडित और संदिग्ध शूटर के बीच कड़ी होने का आरोप
मुंबई पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल समीर पर कथित तौर पर अनिल पंडित और संदिग्ध शूटर रेहान के बीच संपर्क की कड़ी के रूप में काम करने का आरोप है। उस पर फंड और हथियारों की व्यवस्था कराने में भूमिका निभाने का भी संदेह है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग की योजना किसने बनाई थी, हथियार कहां से आए और इस पूरे मामले का कथित मास्टरमाइंड कौन है।
तीसरी महिला भी पूछताछ के लिए लाई गई
फायरिंग मामले की जांच के दौरान मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक और महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। इससे पहले राधा और बबीता को गिरफ्तार किया गया था। तीसरी महिला को भी एंटी-एक्सटॉर्शन सेल के कार्यालय लाया गया है। पुलिस ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि तीसरी महिला का इस मामले से कथित तौर पर क्या संबंध है। जांचकर्ता उससे पूछताछ कर रहे हैं, ताकि हथियारों की सप्लाई और अन्य आरोपियों से उसके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
बबीता पर मुंबई तक हथियार पहुंचाने का आरोप
पुलिस की जांच में हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आए हैं। जांचकर्ताओं के मुताबिक, सोनीपत के रहने वाले 21 वर्षीय कुणाल और 19 वर्षीय सुमित इस नेटवर्क की अहम कड़ियां थे। वहीं, उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली 29 वर्षीय राधा सुनील वर्मा और आजमगढ़ की 24 वर्षीय बबीता राज रामजतन राव पर हथियारों की खेप मुंबई पहुंचाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, दोनों ट्रेन से हथियार लेकर मुंबई आई थीं। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने हथियारों से भरा बैग एक नाबालिग को सौंप दिया था।
पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि हथियारों को मुंबई तक पहुंचाने की जिम्मेदारी किसने दी थी और इस काम में नेटवर्क के दूसरे सदस्यों की क्या भूमिका थी।
अमृतसर से पिस्तौल और 20 कारतूस जुटाने का दावा
जांचकर्ताओं के अनुसार, कुणाल ने गैंगस्टर अनिल पंडित के निर्देश पर अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस जुटाए थे। आरोप है कि हथियारों की व्यवस्था करने से लेकर उन्हें आगे पहुंचाने तक वह एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप के जरिए नेटवर्क के अन्य सदस्यों के संपर्क में था।
पुलिस इस डिजिटल संपर्क के जरिए नेटवर्क के सदस्यों के बीच बातचीत और कथित साजिश की कड़ियों को समझने की कोशिश कर रही है। साथ ही, हथियारों की खरीद, उनकी सप्लाई और फायरिंग में उनके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
18 अक्तूबर को जुहू में हुई थी फायरिंग
टाइगर श्रॉफ से जुड़े इस मामले में गोलीबारी की घटना 18 अक्तूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। उस समय बाइक सवार तीन हमलावरों ने अभिनेता की कार पर कई गोलियां चलाई थीं। घटना में टाइगर श्रॉफ को चोट नहीं आई थी, लेकिन गोली लगने से उनके ड्राइवर और वहां से गुजर रहा एक राहगीर घायल हो गए थे। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और हमलावरों के साथ-साथ कथित तौर पर हथियार उपलब्ध कराने वाले लोगों की तलाश तेज कर दी।