भारत, अमेरिका, यूके और रूस के बाघ जीव वैज्ञानिकों के एक समूह ने उस रिपोर्ट को खारिज किया है जिसमें दावा किया गया है कि दुनिया में बाघों की संख्या में बढ़ोतरी का दावा किया गया है।
भारतीय वन्य जीव संरक्षण सोसायटी के डॉ. के उल्लास कारानाथ, रूस वन्य जीव संरक्षण कार्यक्रम के निदेश डेल मिकेल, अमेरिका स्थिति पैंथेरा कॉर्पोरेशन के जॉन गुडरिच और यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के अर्जुन गोपालास्वामी ने बयान जारी कर कहा कि हम इस रिपोर्ट और इसके निहितार्थ को वैज्ञानिक रूप से विश्वसनीय नहीं पाया है।