पीलीभीत के माला रेंज में सोमवार सुबह बाघ ने एक युवती को मार डाला। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची और गन्ने के खेत में छिपे बाघ को पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बेहोश करके पकड़ लिया। बाघ को मंगलवार तक किसी दूसरे जंगल में छोड़ा जाएगा।
हालांकि टाइगर रिजर्व के माला रेंज के बाहर पिछले कई दिनों से बाघ की मौजूदगी की सूचनाएं मिल रही थीं। सोमवार को बाघ चांदूपुर ग्राम पंचायत के मजरा वीरखेड़ा गांव तक पहुंच गया। गांव के निवासी छेदलाल की विवाहिता बेटी गिरजा देवी (25) होली पर मायके आई थी।
सोमवार सुबह करीब 6:15 बजे वह चचेरी बहन नीतू के साथ गां के निकट सड़क पार कर शौच के लिए गेहूं के खेत में गई। लौटते वक्त दोनों के सामने बाघ आ गया। बाघ ने गिरजा देवी पर हमला कर गर्दन पकड़कर घसीटता हुआ करीब 200 मीटर दूर गन्ने के खेत में खींच ले गया। चीखती भागती हुई नीतू ने इसकी जानकारी गांव वालों को दी।
जिसके बाद गांव के लोग लाठी डंडा लेकर शोर मचाते हुए खेत तक पहुंचे। लोगों का शोर सुनकर बाघ ने गिरजा का शव तो छोड़ दिया लेकिन कुछ दूरी पर गन्ने के खेत में ही बैठ गया। पुलिस और वनकर्मियों की टीम ने बाघ को बेहोश करके पकड़ लिया। एसडीएम पुष्पा देवरार ने कहा पीड़ित परिवार को पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।