मानक के अनुसार मिला फ्लैप हैंडल और लैंडिंग गियर
रिपोर्ट में कहा गया कि फ्लैप हैंडल को आग लगने से नुकसान हुआ। हैंडल को 5-डिग्री फ्लैप स्थिति में मजबूती से फंसा हुआ पाया गया। यह सामान्य टेकऑफ सेटिंग के अनुरूप है। विमान के डाटा में भी यह स्थिति मिली। इसके अलावा विमान का लैंडिंग गियर लीवर भी डाउन स्थिति में पाया गया। जबकि रिवर्सर लीवर मुड़े हुए थे, लेकिन स्टोव्ड स्थिति में (नीचे की ओर) थे। इसके अलावा टेक ऑफ-गो अराउंड स्विच और ऑटोथ्रॉटल डिस्कनेक्ट स्विच की वायरिंग दिखाई दे रही थी, लेकिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी।
हादसे ठीक पहले एक इंजन चालू हो गया था
रिपोर्ट के मुताबिक, पायलटों ने इंजन को फिर से चालू करने का प्रयास किया। इंजन 1 तो फिर से चालू हो गया, लेकिन इंजन 2 फिर से चालू नहीं हो सका। जिसके बाद वह मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकरा गया। विमान केवल 32 सेकेंड के लिए हवा में रहा था।
आखिरी वक्त में पायलटों ने खूब मशक्कत की
रिपोर्ट में कहा गया है कि पायलटों ने आखिरी वक्त में हादसे को रोकने के लिए कड़ी मशक्कत की। रिपोर्ट में कहा गया कि मेडे कॉल आने से ठीक 13 सेकंड पहले पायलटों ने इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच को कटऑफ से रन पर वापस किया। इससे साफ है कि इंजन को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश की गई। इससे पहले दोपहर एक बजकर 38 मिनट 52 सेकंड पर इंजन 1 का फ्यूल स्विच रन पर लाया गया। इसके बाद दोपहर एक बजकर 38 मिनट 54 सेकंड पर एपीयू (सहायक विद्युत इकाई) इनलेट डोर खुलने लगी, जिससे इंजन स्टार्ट होने लगा। दो सेकेंड बाद ही दोपहर 1 बजकर 38 मिनट 56 सेकंड पर इंजन 2 का स्विच भी रन पर किया गया।
हादसे में भारत के अलावा कुछ अन्य देशों के नागरिकों की भी मौत हुई
बता दें कि एअर इंडिया का अत्याधुनिक विमान- बोइंग ड्रीमलाइनर 787-8 बीते 12 जून को अहमदाबाद के मेघाणीनगर में उड़ान भरने के कुछ ही सेकेंड्स बाद क्रैश हो गया। विमान में सवार 242 लोगों में 12 क्रू के सदस्य थे। यात्रियों में 169 भारतीय नागरिक, 53 ब्रिटिश नागरिक, एक कनाडाई नागरिक और 7 पुर्तगाली नागरिक शामिल थे। हादसे के समय मेघाणीनगर में मौजूद कई लोग हताहत हुए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।