फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब चीनी के मंसूबों को चुटकी में समझ लेंगे भारतीय सैनिक, बंगलुरु की कंपनी ने बनाया ऐसा डिवाइस

Sun, 15 Apr 2018 05:39 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन

चीन से सीमा विवाद के कारण भारतीय सैनिकों को बॉर्डर पर तैनात रहना पड़ता है। ऐसे में चीनी सैनिक कई बार घुसपैठ की कोशिश भी करते हैं जिसमें वह चीनी भाषा में बातचीत करते हैं।

विज्ञापन


इसके चलते भारतीय सैनिक चाहकर भी उनके मंसूबों को समझने में नाकाम रहते हैं। लेकिन सैनिकों को अब और परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि बंगलुरु स्थित एक कंपनी ने इस समस्या का समाधान निकाल लिया है।

कोंगनिट सिमेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ने भाषा अवरोध की समस्या को दूर करने के लिए एक 'आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस पावर्ड सल्यूशन' पेश किया है। इस डिवाइस की सहायता से चीनी भाषा का अंग्रेजी और हिंदी में रियल टाइम ट्रांसलेशन हो जाएगा। इसकी घोषणा फेडरेशन ऑफ इंडियन चेबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एफआईसीसीआई) द्वारा की गई। 
विज्ञापन


आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को चेन्नई में आयोजित डिफेंस एक्सपो 2018 में आर्मी की समस्या के समाधान संबंधित एक रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट के मुताबिक आर्मी डिडाइन ब्यूरो (एडीबी) द्वारा जवानों की परेशानियों का पता लगाया गया। जिसमें कुल 130 परेशानियों का पता चला जिनमें से एक है भाषा अवरोध। इसके अलावा सैनिकों को इंजन, टैंक और पहाड़ों पर वाहन संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर अगस्त 2016 में एडीबी की शुरुआत की गई थी। यह ब्यूरो आर्मी और प्राइवेट सेक्टर के बीच पुल का काम करता है ताकि आर्मी की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

आर्मी ने जनवरी 2018 में इस समस्या के हल के लिए इंडस्ट्री से मदद की गुहार लगाई थी। आर्मी ने कहा था कि एक ऑटो चाइनीज डिवाइस बनाया जाए जिससे वह चीनी भाषा को समझ सकें। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने कंपनी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि छह महीने के अंतर्गत हम 130 में से 80 परेशानियों का समाधान निकाल लेंगे।   

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें