त्रिशूर में पूरम उत्सव के लिए पटाखे बनाते समय हुए विस्फोट में नौ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों मानव अंग बरामद हुए हैं। जिला अधिकारी का कहना है कि डीएनए जांच के जरिए मानव अंगों की पहचान की जाएगी। वहीं, कई घायल जीवन-मौत के बीच जूझ रहे हैं।
केरल के त्रिशूर की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। दरअसल, मुंदथिकोड स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद जो मंजर सामने आ रहा है, वह बेहद विचलित करने वाला है। जिला प्रशासन ने बुधवार को बताया कि घटनास्थल से अब तक नौ पूर्ण शव और 32 मानव अंग बरामद किए जा चुके हैं। अंगों की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि मृतकों का आधिकारिक आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।
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डीएनए जांच ही अब एकमात्र रास्ता
त्रिशूर की जिला कलेक्टर शिखा सुरेंद्रन ने कहा कि बरामद किए गए अंगों की पहचान करना फिलहाल नामुमकिन है। धमाका इतना जोरदार था और आग इतनी भीषण थी कि शव बुरी तरह जल चुके हैं। प्रशासन ने अब डीएनए सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कलेक्टर ने कहा, 'राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के विशेषज्ञ इन नमूनों की जांच करेंगे। रिपोर्ट आने में करीब 3 से 4 दिन का समय लग सकता है। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ये अंग कितने अलग-अलग व्यक्तियों के हैं।'
घायलों की स्थिति क्या?
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शुरुआती अनुमान में कम से कम 14 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई है। वहीं, अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है। स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बताया कि त्रिशूर मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में 11 लोग उपचाराधीन हैं। इनमें से पांच की हालत अत्यंत गंभीर है और एक मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। सरकार ने इस हादसे में जीवित बचे लोगों को मनोवैज्ञानिक सहायता देने के निर्देश भी दिए हैं।
लापता लोगों की तलाश जारी
विस्फोट के समय पटाखा फैक्ट्री में कुल कितने लोग मौजूद थे, इसे लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। दावा किया जा रहा है कि धमाके के दौरान वहां करीब 40 मजदूर काम कर रहे थे। कलेक्टर ने बताया कि परिजनों की ओर से अब तक चार लोगों के लापता होने की आधिकारिक सूचना मिली है। हालांकि, राहत की खबर यह भी है कि घटना के समय वहां मौजूद 10 लोग सुरक्षित अपने घरों तक पहुंच गए हैं। प्रशासन अब भी डेटा का मिलान कर रहा है ताकि लापता लोगों की सही संख्या का पता लगाया जा सके।
त्रिशूर पूरम उत्सव के लिए तैयार किए जा रहे थे पटाखे
जानकारी के मुताबिक, 26 अप्रैल को होने वाले विश्व प्रसिद्ध त्रिशूर पूरम उत्सव के लिए मंदिर देवस्वोम की ओर से पटाखे तैयार किए जा रहे थे। धान के खेतों के बीच बने इन अस्थायी शेडों में अचानक हुए धमाके के बाद कई घंटों तक रुक-रुक कर विस्फोट होते रहे, जिससे बचाव दल को अंदर घुसने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।