ओडिशा में भगवान जगन्नाथ के रथ खींचने की रस्म के दौरान अलग-अलग घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि क्योंझर जिले में दो और कोरापुट जिले में एक व्यक्ति की करंट लगने से मौत हो गई, क्योंकि रथ बिजली के तार के संपर्क में आ गए, जबकि दो अन्य घायल हो गए। मृतकों की पहचान जुगल किशोर बारिक (45), बरुण गिरी (50) और बिश्वनाथ नायक (22) के रूप में हुई। पुरी में एक रथ की रस्सी टूटने से पुलिसकर्मियों समेत छह लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस बीच, रथ यात्रा समिति ने मौतों के लिए बिजली वितरण कंपनी के संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है और कोरापुट सदर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। समिति ने शिकायत में कहा कि हालांकि पहले रथ खींचने के दौरान बिजली आपूर्ति रोकने का निर्णय लिया गया था, लेकिन कंपनी ने इसका पालन नहीं किया। कोरापुट सदर पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक किरणबाला सामल ने कहा, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
पुरी में भगवान जगन्नाथ की वापसी रथ यात्रा उत्साह के साथ मनाई गई
तीर्थ नगरी पुरी में बुधवार को भगवान जगन्नाथ की वापसी रथ यात्रा विधि विधान के साथ मनाई गई। भक्त तीन किलोमीटर दूर से रथों को खींचकर वापस जगन्नाथ मंदिर लेकर पहुंचे। जैसे ही भक्तों ने रथों से जुड़ी रस्सियों को खींचा, 'जय जगन्नाथ' के नारे और झांझ की थाप से वातावरण गूंज उठा। कई लोगों ने नृत्य किया और हाथ उठाकर त्रिदेवों का आशीर्वाद लिया। इस उत्सव को देखने के लिए लाखों लोग पुरी गए हैं।