मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार प्रदेशों के उच्च न्यायालयों में चीफ जस्टिस नियुक्त किए जाने की सिफारिश की है। कॉलेजियम में मुख्य न्यायाधीश के अलावा जस्टिस विक्रम नाथ, बीवी नागरत्ना, एमएम सुंदरेश और पीएस नरसिम्हा शामिल हैं।
मध्य प्रदेश और राजस्थान के लिए अहम फैसले
सोमवार को हुई बैठक में के बाद जस्टिस संजय के अग्रवाल को राजस्थान हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश हुई है। वे फिलहाल छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में है। जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है। वह अभी गुजरात हाई कोर्ट के न्यायाधीश हैं।
लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के लिए क्या फैसला?
जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश हुई है। न्यायमूर्ति भाटी अभी राजस्थान हाई कोर्ट में हैं। इन सिफारिशों पर सांविधानिक प्रक्रिया के तहत सरकार को फैसला लेना है। नियुक्तियों की सिफारिश को स्वीकृति मिलने के बाद तीनों चीफ जस्टिस अपना पदभार संभालेंगे।
राजस्थान हाई कोर्ट के लिए सिफारिश पर खास चर्चा क्यों?
राजस्थान हाई कोर्ट के लिए यह सिफारिश एक विशेष पृष्ठभूमि में आई है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा पर आरोप लगाए थे। जस्टिस मेहता का मूल हाई कोर्ट भी राजस्थान हाई कोर्ट है। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश को 2, 10 और 17 अगस्त को तीन पत्र लिखे थे। इन पत्रों में उन्होंने राज्य के बाहर से स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति का आग्रह किया था।
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के लिए क्या सिफारिश
उक्त फैसलों के अलावा कॉलेजियम ने 6 अगस्त को हुई अपनी बैठक में एक और सिफारिश की थी। इसमें ओडिशा हाई कोर्ट के न्यायाधीश कृष्ण राम महापात्रा को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई। यह सिफारिश मौजूदा मुख्य न्यायाधीश के 4 सितंबर को सेवानिवृत्त होने के मद्देनजर की गई थी।