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Kerala: पीएफआई कार्यकर्ताओं को फांसी की सजा देने पर जज को दी धमकी, एक गिरफ्तार, दो हिरासत में

Fri, 02 Feb 2024 06:10 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलप्पुझा (केरल)

सार

केरल पुलिस ने बताया कि पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। अलप्पुझा में भाजपा नेता की 2021 में हुई हत्या के संबंध में पीएफआई से जुड़े 15 लोगों को मंगलवार को मौत की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर न्यायाधीश के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की गईं।
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केरल पुलिस - फोटो : Social Media
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विस्तार
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केरल पुलिस ने भाजपा नेता रंजीत श्रीनिवासन की हत्या के मामले में पीएफआई से जुड़े 15 दोषियों को फांसी की सजा सुनाने वालीं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश को कथित तौर पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये धमकी देने के सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। साथ ही दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। केरल पुलिस ने मावेलिक्कारा की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-प्रथम वीजी श्रीदेवी को मिली धमकियों का संज्ञान लेते हुए उनकी सुरक्षा बुधवार को बढ़ा दी थी।

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पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। अलप्पुझा जिले में भाजपा की ओबीसी इकाई के नेता श्रीनिवासन की 2021 में हत्या हुई थी। अदालत ने हत्याकांड में दोषी करार दिए गए प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े 15 लोगों को मंगलवार को मौत की सजा सुनाई थी। बताया गया है कि इसके बाद सोशल मीडिया पर न्यायाधीश के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की गईं और विभिन्न सोशल मीडिया नेटवर्क के जरिये प्रसारित किया गया।

2021 में हुई थी रंजीत श्रीनिवासन की हत्या
बता दें, 19 दिसंबर 2021 में भाजपा के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश सचिव रंजीत श्रीनिवासन पर पीएफआई और ‘सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया’ (एसडीपीआई) से जुड़े कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया था। इस दौरान उनके घर में उन्हें परिवार के सामने ही बुरी तरह पीटा गया और उनकी हत्या कर दी गई थी। इस घटना से कुछ पहले ही 18 दिसंबर की रात को एक गिरोह ने एसडीपीआई नेता केएस. शान की हत्या कर दी थी। घटना के समय वह अलप्पुझा में अपने घर लौट रहे थे। माना जा रहा था कि कट्टरपंथी भीड़ इससे गुस्सा गई और बदले में रंजीत की हत्या कर दी।
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अभियोजन पक्ष ने बताया था दुर्लभतम घटना
अभियोजन पक्ष ने मामले की सुनवाई के दौरान इसे दुर्लभतम घटना बताया था और दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी। अभियोजन पक्ष ने कहा था कि सभी दोषी प्रशिक्षित हत्यारे हैं। जिस क्रूर तरह से इन लोगों ने पीड़ित को उसकी मां-पत्नी और बच्चों के सामने मारा, वह दुर्लभतम अपराध की श्रेणी में आता है। 

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