तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को गुरुवार को बड़ा झटका लगा है। टीएमसी के तीन पूर्व राज्यसभा सांसदों ने आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। भाजपा में शामिल होने वालों में सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बराइक और सुखेंदु शेखर रॉय शामिल हैं। तीनों नेताओं ने पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली।
प्रमुख बातें-
- पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदुशेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक भाजपा में शामिल हुए।
- साल्टलेक स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय में तीनों नेताओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
- राज्यसभा उपचुनाव की अधिसूचना के एक दिन बाद हुए घटनाक्रम से राजनीतिक अटकलें तेज हुईं।
- भाजपा ने अभी तक राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया है।
- शमिक भट्टाचार्य ने टीएमसी नेताओं के भाजपा में शामिल होने को एक अपवाद बताया।
- भाजपा ने कहा कि भ्रष्टाचार से दूर रहे लोगों का पहले भी स्वागत किया गया है।
- प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने दोहराया कि तृणमूल नेताओं के लिए पार्टी के दरवाजे सामान्य रूप से खुले नहीं हैं।
समिक भट्टाचार्य ने क्या कहा?
इस अवसर पर राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा, 34 साल तक वाम मोर्चे का शासन रहा, उसके बाद तृणमूल कांग्रेस की सरकार आई। इतने लंबे समय तक पश्चिम बंगाल में जो राजनीति चली, उसने हमारे संघीय ढांचे को नकारा और उसे चुनौती दी। केंद्र सरकार के साथ सहयोग करने के बजाय टकराव का रास्ता अपनाया गया, जिसके कारण विकास पूरी तरह रुक गया। ऐसे माहौल में और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए तीन सांसदों ने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने आगे कहा, आज ये तीनों सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बराइक और सुखेंदु शेखर रॉय भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। ये तीनों सांसद बड़े नेता हैं, जिनका राज्यसभा में प्रदर्शन सभी लोग जानते हैं।
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उन्होंने आगे कहा, यह हमारे लिए खुशी का मौका है और भाजपा इससे उत्साहित है। भाजपा की ओर से और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में मैं अपने कार्यकर्ताओं, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, पूरी कैबिनेट और पूरे संगठन की ओर से इन तीनों नेताओं का दिल से और बहुत खुशी के साथ स्वागत करता हूं।
समिक भट्टाचार्य ने आज के घटनाक्रम को एक 'अपवाद' बताया। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल करने को लेकर पार्टी की जो नीति पहले थी, उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। समिक ने कहा, हम पहले भी कहते रहे हैं और आज भी कह रहे हैं कि तृणमूल कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं के लिए भाजपा के दरवाजे बंद हैं। आज का यह घटनाक्रम एक अपवाद है, किसी नीति परिवर्तन का संकेत नहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने पहले भी उन लोगों को अपने साथ आने का आह्वान किया था, जो तृणमूल में रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोपों से दूर रहे। उनके अनुसार, भ्रष्टाचार से मुक्त लोगों को साथ आने के लिए हमने पहले भी कहा था और आगे भी ऐसे लोगों का स्वागत रहेगा।
दरअसल, राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद समिक भट्टाचार्य ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए भाजपा के दरवाजे बंद रहेंगे। बाद में राजनीतिक हलकों और सामाजिक मीडिया में 'अच्छे तृणमूल' और 'खराब तृणमूल' की बहस छिड़ी थी। उस समय भी समिक ने स्पष्ट किया था कि भाजपा भ्रष्टाचार से जुड़े नेताओं को अपने साथ नहीं लेना चाहती, लेकिन साफ छवि वाले नेताओं को लेकर अलग दृष्टिकोण अपनाया जा सकता है।
तीनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने का समय भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्यसभा की तीन रिक्त सीटों के लिए उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के ठीक एक दिन बाद हुए इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि भाजपा इन तीनों नेताओं को पश्चिम बंगाल से राज्यसभा भेज सकती है। हालांकि, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस संबंध में कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। इस संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने केवल इतना कहा, चर्चा चलने दीजिए।
भाजपा में शामिल होने के बाद सुष्मिता देव ने क्या कहा?
भाजपा में शामिल होने के बाद टीएमसी की पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने कहा, जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और 'डबल इंजन' वाली सरकारों वाले राज्यों में जो काम हुआ है, उसे नकारा नहीं जा सकता। कोई भी इसे झुठला नहीं सकता। मैं पश्चिम बंगाल की जनता से कहना चाहती हूं कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अदिकारी और प्रधानमंत्री मोदी को सिर्फ दो साल का समय दीजिए। आप देखेंगे कि जिस तरह असम और त्रिपुरा की तस्वीर बदली है, उसी तरह पश्चिम बंगाल की तस्वीर भी पूरी तरह बदल जाएगी।
उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिली बड़ी जीत और असम, ओडिशा और त्रिपुरा में मिली बड़ी सफलता यह साफ दिखाती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच और नेतृत्व पर जनता का भरोसा बढ़ रहा है, कम नहीं हो रहा है। मैं इस बारे में बात कर सकती हूं, क्योंकि मैं असम में रहती हूं। जैसा कि आप जानते हैं, भाजपा वहां लगातार तीसरी बार सरकार बना चुकी है।
उन्होंने आगे कहा, वहां हुआ बदलाव और विकास किसी भी पिछली सरकार के कामकाज की तुलना में बहुत अलग और बड़ा है। कोई भी सरकार की तारीफ कर सकता है। आलोचना कर सकता है या उसकी खामियां बता सकता है। लेकिन जब योजनाओं का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने की बात आती है, तो मोदी जी ने जो काम किया है, वह इस देश के इतिहास में किसी दूसरी पार्टी ने नहीं किया है।
उन्होंने आगे कहा, महुआ (मोइत्रा) जी खुद टीएमसी में शुद्धिकरण की बात करती हैं, जिसका मतलब है कि वह मानती हैं कि टीएमसी अशुद्ध है। कुणाल घोष विधानसभा में कहते हैं कि यह दुष्कर्मियों की पार्टी है। अब कुणाल ही बता सकते हैं कि उन दुष्कर्मियों को टिकट किसने दिया था। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के बयान पर सांसद सुष्मिता देव ने कहा, उनकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि कोई भी उन्हें अपनी पार्टी में शामिल नहीं करना चाहता। इसी वजह से वह तृणमूल कांग्रेस में बनी हुई हैं।
सुखेंदु शेखर रॉय ने क्या कहा?
भाजपा में शामिल होने के बाद पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा, इस सरकार ने घोषणापत्र में शामिल हर मुद्दे पर काम करना शुरू कर दिया है और वह भी बहुत तेजी और मजबूती के साथ। आम जनता इससे खुश है। आगे और भी काम होंगे। इसलिए हम काफी उम्मीद और खुशी से भरे हुए हैं।
सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा, भारत के किसी भी राज्य में शायद ही कभी ऐसा हुआ होगा कि किसी चुनाव में 96-97 फीसदी मतदान हुआ हो, जैसा कि हमारी राष्ट्रपति ने इस चुनाव के बारे में कहा है। वह (ममता बनर्जी) खत्म हो चुकी हैं, उनकी पार्टी भी खत्म हो चुकी है। इसलिए इस पर आगे चर्चा करना बेकार है।
उन्होंने आगे कहा, दूसरे राज्यों में आमतौर पर सत्तारूढ़ और विपक्षी दल विकास, प्रगति या किसी खास योजना को लागू कराने के लिए केंद्र सरकार के पास जाते हैं। लेकिन यहां हमने बंद, हड़ताल और जुलूसों के जरिये केंद्र सरकार का विरोध करने पर फोकस किया। इससे बंगाल की तीन पीढ़ियां बर्बाद हो गईं। जिन लोगों के पास अवसर थे, वे राज्य छोड़कर चले गए।
उन्होंने आगे कहा, जब भारत के ज्यादातर राज्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बताए 'विकसित भारत' के दष्टिकोण और रोडमैप को आगे बढ़ाने के लिए आगे बढ़ रहे थे, तब हम चोरी में लगे हुए थे। हम (टीएमसी) लुटेरों और दुष्कर्मियों को बचा रहे थे। स्वाभाविक है कि ऐसा सिलसिला एक दिन खत्म होना ही था। उन्होंने कहा, बंगाल उस डर के माहौल से आजाद हो चुका है। अब शुभेंदु जी के नेतृत्व में घोषणापत्र में किए गए वादों के अनुसार तेजी से काम शुरू हो गया है।