असम में हुई बारी बारिश के चलते तीन जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इसके कारण छह सौ से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। रविवार को ही असम के मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों के साथ बाढ़ को लेकर बैठक की थी। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से दीमा हसाओ में संवेदनशील जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ कर्मियों की तैयारी के लिए कदम उठाने को कहा।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, तीन जिलों उदलगुड़ी, सोनितपुर और कछार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। एएसडीएमए ने कहा कि बाढ़ ने तीन राजस्व मंडलों के तहत दस गांवों और गोहपुर राजस्व मंडल के तहत 150 हेक्टेयर फसली भूमि को प्रभावित किया है और कलईगांव राजस्व मंडल वर्तमान में जलमग्न है।
बाढ़ के पानी ने पांच तटबंधों को तोड़ दिया है। (दारांग जिले में तीन और लखीमपुर जिले और बिश्वनाथ सब-डिवीजन में एक-एक), सात सड़कों के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया और बाढ़ का पानी कुछ स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में भी भर गया है। दूसरी ओर, एएसडीएमए ने कहा कि पिछले दो दिनों के दौरान भारी बारिश से कछार जिले के सिलचर शहर के कई हिस्सों में अचानक बाढ़ आ गई है।
मानसून की शुरुआत और राज्य भर में बारिश से बाढ़ की संभावना को देखते हुए, असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को डीसी और राज्य प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की थी, ताकि सभी आवश्यक व्यवस्था की जा सके। मुख्यमंत्री ने राजस्व और आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी को विशेष रूप से दीमा हसाओ में संवेदनशील जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ कर्मियों की तैयारी के लिए कदम उठाने को कहा।