उत्तर प्रदेश, कोरोना और पश्चिम बंगाल में हिंसा पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय बैठक बृहस्पतिवार से शुरू हो रही है। बैठक के महत्व का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत सहित सभी पांचों सह कार्यवाह तीनों दिन उपस्थित रहेंगे।
सूत्रों के मुताबिक कोरोना के संदर्भ में संघ ने देश भर से फीडबैक हासिल किया है। इसमें खासतौर पर भाजपा शासित राज्यों का फीडबैक लिया गया है। संघ ने कोरोना की दूसरी लहर के बाद सरकार के बारे में लोगों का मन टटोला है।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा और यूपी में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान सरकार के कार्य पर आम लोगों की राय जानी गई।
होसबले कर चुके हैं संघ पदाधिकारियों से चर्चा
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले उत्तर प्रदेश के संघ पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कोरोना के संबंध में फीडबैक हासिल कर चुके हैं। होसबले ने खासतौर पर गंगा किनारे बड़ी संख्या में शवों को दफनाए जाने और गंगा में शवों के बहाए जाने से संबंधित जानकारी ली थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इससे जुड़ी खबरों को सुर्खियां मिलने से संघ में चिंता है।
सरकार के साथ भी चर्चा
संघ सूत्रों ने बताया कि बैठक के अंतिम दिन या बैठक खत्म होने के बाद संघ के पदाधिकारियों की सरकार के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा होगी। इस चर्चा में संघ सरकार को इन मुद्दों की जमीनी स्थिति से अवगत कराते हुए अपनी ओर से सुझाव देगा। संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि इससे पहले हुई इस तरह की हर बैठकों में सरकार और भाजपा के प्रतिनिधियों की भागीदारी रही है। ऐसे में इस बैठक में भी यह परंपरा कायम रहेगी।