फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जो सोशल साइट फ्रेंडली नहीं हैं, जिनके पास मोबाइल भी नहीं है वे अभी पालने में: प्रभु

Fri, 27 May 2016 01:55 AM IST
नवनीत शरण/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
रेलमंत्री के बोल - फोटो : Getty
विज्ञापन
रेलवे इन दिनों हाइटेक ट्रैक पर पूरी रफ्तार से दौड़ रही है। लेकिन जिन लोगों के पास स्मार्ट फोन नहीं है, जो सोशल नेटवर्किंग साइट से अनभिज्ञ है, मोबाइल तक नहीं है। वो अपनी शिकायत कहां दर्ज कराए? उन्हें सुविधा कैसे मिले के सवाल पर केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु का कहना है कि हमारे देश में 90 फीसदी यात्रियों के पास मोबाइल है। 10 प्रतिशत लोग ऐसे लोग जो सोशल साइट व मोबाइल पर नहीं हैं वे लेग अभी पालने में। यानि अभी छोटे है, बच्चे है। पूर्वांचल की तरफ यात्रा करने वाले यात्रियों को कंफर्म बर्थ नहीं मिलने, ट्रेनों के टाइम टेबल पर नहीं चलने सहित कई मुद्दों पर अमर उजाला से बातचीत हुई। पेश है केंद्रीय रेल मंत्री से हुई बातचीत के कुछ अंश।
विज्ञापन


सवाल-सभी को कंफर्म टिकट देना बड़ी चुनौती है, मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं होती, इसका निदान कैसे करेंगे?
जवाब-रेलवे का फोकस इसपर है। रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण, तिहरीकरण किया जा रहा है। जहां जरूरत पड़ेगी वहां एलिवेटेड कॉरीडोर भी तैयार किया जाएगा। सभी ट्रेनों में दो-दो अतिरिक्त दीनदयालु कोच जोड़े जाएंगे।

सवाल-प्रभु की चुनौती क्या है?
जवाब-रेलवे जर्नी ऑफ चैलेंज है। पारदर्शिता रखना, सुरक्षित सफर कराना, राज्यों के साथ तालमेल बिठाना, कई तरह की चुनौतियां है। यह सिर्फ मेरी चुनौती नहीं है यह देश की भी चुनौती है, देश के लिए काम करना अच्छा लगता है। जिस तरह से सैनिक वर्दी पहनकर देश की सेवा करते है उसी तरह रेलवे कर्मी बिना वर्दी के दिनभर मेहनत करके सेवा करते है।
विज्ञापन

सवाल-आम लोगों का सफर कब तक बेहतर हो सकेगा?
जवाब-जो लोग सफर करने में  कामयाब नहीं रहते उनके लिए अंत्योदय ट्रेन चलेगी। इसके साथ ही हमसफर, तेजस,  उदय ट्रेन अगले दो-तीन महीने में दौड़ेगी। इन ट्रेनों के चलने से सभी का  सफर सुहाना होगा। 2019 तक सभी को कंफर्म बर्थ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। 
विज्ञापन

टारगेट समय पर पूरा किया जाएगा

रेलमंत्री सुरेश प्रभु - फोटो : Getty
सवाल-बुलेट ट्रेन चलाने की योजना कहां तक पहुंची, विपक्ष इसपर सवाल उठा रहा है?
जवाब-बुलेट ट्रेन चलाने को लेकर तेजी से काम चल रहा है। टारगेट समय पर पूरा किया जाएगा। पिछले दिनों नीति आयोग के उच्च अधिकारी भी जापान के दौरे पर गए थे। इस ट्रेन को चलाने के सपने को हर हाल में कायाबी मिलेगी।

सवाल-वित्त मंत्रालय से रेलवे पैसे कि मांग कर रहा है, किस प्रोजेक्ट पर खर्च किया जाएगा?
जवाब-वित्त  मंत्रालय से 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपये की मांग की गई है। इस फंड से रेलवे  की स्पीड बढ़ेगी। सेफ्टी में खर्च किया जाएगा। सिस्टम को अपग्रेड किया  जाएगा, आधुनिकिकरण में काम आएगा, अनमैन  क्रासिंग को खत्म किया जाएगा। डीजल  पर सेस देना पड़ता है यह भी वापस मिलेगा तो बड़ी बात है। यात्री सुविधा  केलिए खर्च किया जाएगा।

 सवाल-आम लोगों को आरक्षित टिकट नहीं मिलता लेकिन दलाल टिकट दिला देते है ऐसा क्यों?
जवाब-दलालों पर लगाम लगाई जा रही है, कई टिकट एजेंसी के लाइसेंस कैंसिल किए गए हैं, मामला दर्ज किए हैं, हिरासत में भी लिया है। आदेश दिया गया है कि जहां भी दलाल सक्रिय है वहां सीसीटीवी कैमरे से मॉनिटरिंग की जाए ताकि आम लोगों को आसानी से कंफर्म टिकट मिल जाए। इसमें कामयाबी भी मिली है।

सवाल-सफाई अभियान से आप कितने खुश है?
जवाब-सर्वे में भी आया है कि सफाई को लेकर लोग काफी खुश है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रख हमसफर सप्ताह शुरू किया जा रहा है। बॉयोट्वॉयलेट लगाए जा रहे है। ऑन बोर्ड सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें