महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लड़की बहिन योजना को लेकर उद्धव ठाकरे पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जो लोग सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, उन्हें 1500 रुपये की कीमत का एहसास नहीं होगा।
शिंदे ने कहा, "विपक्ष इस योजना का मजाक उड़ाता है कि सरकार इस योजना के माध्यम से रिश्वत दे रही है। सोने का चम्मच लेकर पैदा होने वाले लोग 1,500 रुपये का मूल्य नहीं समझेंगे। 1,500 रुपये का मूल्य मेरे 'लड़कि बहिन' को पता होगा।’’
मुंबई के चांदीवली इलाके में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि विपक्ष ने मुख्यमंत्री लड़की बहिन योजना को "भ्रामक और झूठा आश्वासन" बताया है, लेकिन इस योजना को महिलाओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वंचित महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दे रही है। यह एक कल्याणकारी योजना है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 2 करोड़ महिलाओं ने योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए फॉर्म भरा था और उनमें से 1.5 करोड़ पात्र महिलाओं को सरकार द्वारा वादा किया गया 1,500 रुपये का वजीफा मिला है।
शिंदे ने जोर देकर कहा कि जैसे ही पहली किश्त लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा की गई, विपक्ष गलत साबित हुआ।
विपक्ष का आरोप- योजना से मिल रही राशि बहुत कम
विपक्ष का आरोप है कि सरकार की यह योजना वित्तीय रूप से अव्यवहारिक है। जिसके कारण राज्य के खजाने पर प्रति वर्ष 46,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और इसका लक्ष्य 21 से 65 वर्ष की आयु की आर्थिक रूप से वंचित महिलाओं को रखा गया है। विपक्ष ने लड़की बहिन योजना के तहत हर महीने दी जाने वाली धनराशि को भी बहुत कम बताया है।
'वजीफा राशि करेंगे दोगुना'
नवंबर में होने वाले संभावित विधानसभा चुनावों से पहले शिंदे ने कहा कि अगर सरकार की ताकत बढ़ती है, तो वजीफा राशि दोगुनी हो जाएगी।