इस वर्ष डेंगू से ज्यादा चिकनगुनिया का खतरा है और इससे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय बेहद चिंतित है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों और स्थानीय निकाय की बैठक बुलाई और इन दोनों बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए सख्ती से काम करने के निर्देश दिए हैं।
केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव सी.के.मिश्रा ने बताया कि इन बीमारियों की सही रिपोर्टिंग भी नहीं हो रही है लिहाजा सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि हर हाल में प्रति दिन डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों की सूचना देनी होगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष दिल्ली में डेंगू से ज्यादा चिकनगुनिया का प्रकोप है। अभी तक 600 से अधिक चिकनगुनिया के पंजीकृत किएी जा चुके हैं।
दिल्ली में इस वर्ष डेंगू का टाईप थ्री स्ट्रेन सक्रिय है जो खतरनाक होता है। जबकि पश्चिम बंगाल में डेंगू का टाईप टू सक्रिय है। डेंगू के इस स्ट्रेन से ज्यादा मरीजों की मौत होती है। डेंगू से सबसे ज्यादा मौत इस वर्ष अभी तक पश्चिम बंगाल में रिकार्ड की गई है। हालांकि कर्नाटक और केरल में भी डेंगू सक्रिय है।