इस बार इंटरनेशनल योग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी करने का मौका रांची को मिला है। हालांकि इस होड़ में दिल्ली, शिमला, मैसूर और अहमदाबाद भी थे। लेकिन अधिकृत सूत्रों के मुताबिक, 21 जून को होने वाले मुख्य कार्यक्रम की मेजबानी की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री कार्यालय ने रांची को देने का निर्णय लिया है।
सूत्रों का कहना है कि पीएम मोदी के दूसरी बार पदभार संभालने के बाद पहला मेगा पब्लिक इवेंट होने के कारण सरकार की निगाहें इंटरनेशनल योग दिवस कार्यक्रम के भव्य आयोजन पर हैं। इसी कारण आयुष मंत्रालय ने किसी एक के बजाय पांच शहरों के नाम चिह्नित कर प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे थे। अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने इनमें से रांची शहर को मेजबानी के लिए चुना है। आयुष मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, हमने पहले ही इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
दिल्ली से होगी जागरूकता अभियान की शुरुआत
आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, 21 जून से पहले ही पूरे देश में योग दिवस को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी शुरुआत आगामी शनिवार को दिल्ली से होगी। दिल्ली के मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान में दो दिवसीय योग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसमें 10 हजार लोगों के आने की संभावना है।
मोदी की पहल पर हुई थी शुरुआत
बता दें कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को वैश्विक योग दिवस के तौर पर चिह्नित किया था। भारत में योग करीब 5 हजार साल से जीवन पद्धति का हिस्सा है। देश में पहले इंटरनेशनल योग दिवस का आयोजन 2015 में दिल्ली के राजपथ पर हुआ था। इसमें 191 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सेदारी की थी। इसके बाद 2016 में चंडीगढ़, 2017 में लखनऊ और 2018 में इस कार्यक्रम का आयोजन देहरादून के फारेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) में किया गया था।