ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल देश की सबसे आधुनिक और दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइल है। यह क्रूज मिसाइल पहाड़ों की छाया में छुपे दुश्मनों के ठिकानों को निशाना बना सकती है। यह एक ऐसी खुफिया सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जिसे पनडुब्बियों, जहाजों, विमानों या जमीन से प्रक्षेपित किया जा सकता है। इसे तीनों सेनाओं में शामिल किया जा चुका है।
गति : 2.8 मैक या 3,400 प्रति घंटे की रफ्तार और 3,700 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हमला कर सकती है। मारक क्षमता : 290 किमी से लेकर 300 किमी तक।
नामकरण : ब्रह्मोस का नाम दो नदियों भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मोस्कवा से मिलकर बना है। इसे भारत-रूस का साझा प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया है। यह कंपनी भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओ मशीनोस्त्रोयेनिया का साझा उद्यम है।
विशेषताएं-
- मिसाइल पनडुब्बी, जहाज, एयरक्राफ्ट या जमीन से भी लांच की जा सकती है।
- ब्रह्मोस की रफ्तार अमेरिकी सेना की मिसाइल टॉमहॉक से चार गुनी तेज है।
- जहाज और जमीन से लांच होने पर यह मिसाइल 200 किलो युद्धसामग्री ले जा सकती है।
- वहीं एयरक्राफ्ट से लांच होने पर 300 किलो के युद्धसामग्री ले जाने में सक्षम।
- मेनुवरेबल तकनीक से लैस होने के करण दागे जाने के बाद यदि लक्ष्य रास्ता बदल ले तो यह भी अपना रास्ता बदल लेती है और हर हाल में उसे निशाना बनाती है।
- पहली बार लांचिंग : भारतीय नौसेना ने ७ अक्टूबर 2012 को भी आईएनएस तेज से ब्रह्मोस को लांच किया था।