मंगलवार को भारत आजादी के जश्न में डूबा हुआ था और चीन गंदे इरादे लिए सीमा पर घुसपैठ की ताक में बैठा था। जैसी ही देश में स्वतंत्रता दिवस का जश्न शुरू हुआ, उसी वक्त चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की। पीएलए ने लद्दाख की मशहूर पानगोंग झील के किनारे भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश, जिसके बाद भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों की कोशिश को नाकाम कर दिया।
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भारतीय सैनिकों द्वारा रोके जाने के बाद चीनी सैनिकों ने पथराव किया, जिसका भारतीय सौनिकों ने उसी की भाषा में जवाब दिया और सीमा से बाहर खदेड़ दिया। हालांकि, दोनों ओर से की गई पत्थरबाजी में सैनिकों को मामूली चोटें आई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों ने सुबह छह बजे से नौ बजे के बीच दो इलाकों- फिंगर-4 और फिंगर-5 में भारतीय सीमा में घुसने का दो बार प्रयास किया। लेकिन इन दोनों मौकों पर भारतीय जवानों ने उनके प्रयासों को नाकाम कर दिया।
इस मामले में विशेषज्ञों का कहना है कि चीन ये सब कुछ जानबूझकर कर रहा है।
1. दरअसल, चीन भारत पर पहले हमला नहीं करना चाहता है। इसलिए वह भारत के खिलाफ छद्म युद्ध छेड़ रहा है। वह भारत को उकसाना चाहता है।
2. साथ ही चीनी सैनिकों द्वारा की गई पत्थरबाजी की हरकत असामान्य है। माना जा रहा है कि चीन ये चाल भारत को भड़काने के लिए चल रहा है।
3. विशेषज्ञों का मानना है कि चीन यह सब कुछ भारत के साथ चल रहे डोकलाम सीमा विवाद के चलते कर रहा है। डोकलाम विवाद को लेकर चीन बार-बार भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश कर रहा है। इससे पहले चीन ने उत्तराखंड में भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की थी।
4. जानकार बताते है कि सीमा पर सैनिकों का आमने सामने आना सामान्य बात है। लेकिन जिस तरह ही हरकत चीन कर रहा है, इसे सामान्य घटना के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
5. कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि भारत, चीन के ओआरओबी प्रोजेक्ट का विरोध करता आ रहा है। भारत को ओआरओबी प्रोजेक्ट के लिए तैयार करने के लिए चीन भारत पर दबाव बनाना चाहता है, इसलिए वह ऐसे कदम उठा रहा है।