राज्यसभा में नामित किए गए सदस्य के तौर पर शपथ लेने वाले क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर की सदन से अनुपस्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल ने गुरुवार को नामित सांसदों की गैरहाजिरी का मुद्दा उठाया। लेकिन सचिन संसद से गैरहाजिर रहने के बाद भी बहुत कुछ ऐसा कर रहे हैं, जो बाकी सांसदों के लिए नजीर बन सकता है।
सचिन क्या कर रहे हैं इस वक्त
सचिन तेंदुलकर ने 3 जून 2012 को राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली थी। अपने पांच साल के कार्यकाल में ये केवल 4 बार सदन में उपस्थित हुए हैं। सचिन इस वक्त अपनी बॉयोपिक सचिन ए बिलियन ड्रीम्स की एक्टिंग में व्यस्त हैं। इसमें उनका बेटा भी एक्टिंग कर रहा है, जो उनके बचपन की भूमिका निभा रहा है।
बुधवार को सचिन ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें वो संगीतकार सोनू निगम के साथ दिख रहे हैं। इस तस्वीर में सोनू निगम हाथ में बल्ला उठाए तो तेंदुलकर हाथ में माइक लेकर खड़े हैं। तेंदुलकर इस वक्त अपनी फिल्म के प्रचार-प्रसार में काफी मेहनत कर रहे हैं। इस फिल्म के लिए उन्होने गाना गाया है और म्यूजिक वीडियो भी तैयार किया है। सचिन की फिल्म 26 मई को रिलीज होगी।
सचिन ने गोद लिया है एक गांव
हालांकि सांसद के रुप में सचिन तेंदुलकर बाहर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। तेंदुलकर ने आंध्रप्रदेश के पुट्टमराजू केंद्रिगा गांव को गोद लेकर आदर्श ग्राम में तब्दील कर दिया और इसके बाद अपने गृह राज्य महाराष्ट्र के एक गांव को गोद लेकर राजनेताओं के सामने नजीर पेश की है।
दो साल बाद अब सचिन ने एक नए गांव को गोद लिया है। दोंजा नाम का यह गांव महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले में स्थित है। सचिन ने इस गांव के विकास के लिए सांसद निधि से 4 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस राशि का उपयोग नये स्कूल का निर्माण, जलापूर्ति योजना और सीवर लाइन डालने जैसे कार्यों में किया जाएगा।
गांव को गोद लेने की शुरुआती कार्रवाई पूरी हो चुकी है। उस्मानाबाद के सहायक आयुक्त ने आयुष प्रसाद ने कहा कि हमारा कार्यालय ग्राम वासियों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है और गांव के संपूर्ण विकास के कार्य पूरे किए जाएंगे। हम महान क्रिकेटर और राज्यसभा सासंद सचिन तेंदुलकर के आभारी हैं जिन्होंने यह गांव चुना है।
सहायक आयुक्त ने बताया कि जब सचिन तेंदुलकर ने इस गांव को गोद लिया था उस वक्त गांव के 600 घरों में से 400 में शौचालय नहीं थे। लेकिन उसके बाद से गांव में 231 शौचालय बन चुके हैं।