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दिवाली में चीनी माल की बिक्री पर मंडराया संकट, व्यापारियों को होगा बड़ा नुकसान

Thu, 06 Oct 2016 04:33 AM IST
राजीव कुमार/ नई दिल्ली
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पाकिस्तान के आतंकी कैंप पर भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद देश भर में चल रही राष्ट्रवादी लहर के बीच इस साल त्योहारों के दौरान चीनी आइटम की बिक्री प्रभावित होने की आशंका है। दशहरा-दीपावली के बीच सजावट के सामान, बिजली के आइटम व पटाखा बेचने वाले थोक कारोबारियों के मुताबिक चीनी आइटम की बिक्री में 20 फीसदी की कमी आने पर भी उन्हें खासा नुकसान हो सकता है। 
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कारोबारियों का कहना है कि वे तीन माह पहले ही त्योहारों में बिकने वाले माल को चीन से मंगा चुके हैं और अब उसे वापस भी नहीं कर सकते हैं। एक अनुमान के मुताबिक, सिर्फ दिल्ली में दशहरा व दीपावली के दौरान सजावट, गिफ्ट व पटाखे जैसे आइटम की 1,000 करोड़ रुपये की बिक्री होती है।

सदर बाजार के थोक कारोबारी देवराज बवेजा कहते हैं, जो माहौल चल रहा है उसमें अगर 20 फीसदी लोगों ने भी चीनी आइटम का बहिष्कार कर दिया तो व्यापारियों को बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि चीनी आइटम को न तो कारोबारी वापस कर सकते हैं और न ही उसे अगले साल बेच सकते हैं। 
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अगले साल से नहीं मगाएंगे चीनी माल

स्मॉल स्केल कॉस्मेटिक मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के महासचिव, अश्विनी अरोड़ा ने बताया कि बाजार में चीनी सामान के बहिष्कार का सिलसिला शुरू हो गया है। उनके जैसे मैन्यूफैक्चरर्स व व्यापारियों ने भी अब उपभोक्ताओं के सामने चीनी माल का विकल्प रखना कम कर दिया है।

अगले साल से नहीं मगाएंगे चीनी माल
कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महामंत्री, प्रवीन खंडेलवाल कहते हैं कि उड़ी हमले व सर्जिकल स्ट्राइक के बाद राष्ट्रवाद की जो भावना भड़की है, उससे चीनी आइटम की बिक्री निश्चित रूप से प्रभावित होने जा रही है और कारोबारी भी अब अगले साल से चीनी आइटम की बिक्री और आयात के पक्ष में नहीं है। लेकिन पहले से माल मंगाने वाले कारोबारियों को घाटा उठाना पड़ेगा। 

सदर बाजार के पटाखा कारोबारियों ने बताया कि वे भी देश के साथ हैं और चीनी पटाखे या कोई भी चीनी माल बेचने के पक्ष में नहीं है, लेकिन पहले से जो माल मंगा लिया गया है उसका क्या किया जाए।
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