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तीसरी लहर की संभावना: कोरोना से निपटने के लिए ग्रामीण अंचलों को तैयार कर रहा है डीएवाई-एनआरएलएम

Sun, 20 Jun 2021 04:33 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • तीसरी लहर के खतरे के मद्देनजर चार लाख से ज्यादा ग्राम संघ और 5.57 करोड़ सदस्य गांवों को करेंगे जागरूक
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ग्रामीणों की आरटी-पीसीआर जांच करते स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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देश के ग्रामीण इलाकों को कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए  ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कमर कस ली है। इसके लिए ग्रामीण अंचलों में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को 13,697.18 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।

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4.04 लाख ग्राम संगठन गठित किए गए हैं। लोगों में कोरोना व टीकाकरण के प्रति जागरूकता के लिए 30,709 क्लस्टर स्तरीय संघों का भी गठन किया गया है। यह सभंव किया है दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) ने, जिसकी मदद से ग्रामीण इलाकों में कोरोना से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जा जा रहा है।

डीएवाई-एनआरएलएम के तहत केंद्रीय स्तर पर ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से 17 जून 2021 तक 14 हजार मिशन स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसमें टीकाकरण, स्वच्छता से लेकर कोरोना प्रोटोकॉल तक शामिल हैं। इनके द्वारा ब्लॉक स्तर पर 4.57 लाख एसएचजी सदस्यों को तैयार किया जा चुका है। सीडीओ कर्मचारी सामुदायिक संपर्क और 5.57 करोड़ वेलफेयर समूह सदस्यों को कोरोना संक्रमण के अभियान में जुड़ने के लिए विशेष प्रशिक्षण देकर तैयार किया जा चुका है।
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यह सभी देश भर के 69.66 लाख स्वयं सहायता समूहों की 7.52 करोड़ महिलाओं के सक्षम समूहों से हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव और डीएवाई-एनआरएलएम की निदेशक नीता केजरीवाल ने बताया कि ग्रामीण अंचलों में एसएचजी समूह की महिलाएं मास्क, सैनिटाइजर और हैंडवाश बनाकर ग्रामीणों और सरकारी विभागों को भी आपूर्ति कर रही हैं।

महामारी की आपदा को तमाम चुनौतियों के बावजूद देश की ग्रामीण अंचलों की महिलाओं ने अवसर में बदलकर अपनी आजीविका अर्जित करने का साधन बना लिया है। उन्होंने कहा, अप्रैल 2021 तक देश के पांच लाख से ज्यादा गांव में एसएचजी के सदस्य घर-घर पहुंच गए हैं।  यह लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक कर रहे हैं, उन्हें सामाजिक दूरी और कोरोना से बचाव के लिए हाथ धोना और स्वच्छ रहने का पाठ पढ़ा रहे हैं।                   

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