देश भर में आज कोरोना टीकाकरण का तीसरा पूर्वाभ्यास किया गया। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन चेन्नई पहुंचे और पूर्वाभ्यास का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि जल्द ही पूरे देश में कोरोना का टीकाकरण शुरू हो जाएगा। केंद्र ने टीकाकरण के संभावित लाभार्थियों का पता लगाने के लिए नए कोविड-19 मंच की शुरुआत की है और साथ ही उन्हें इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण पत्र भी जारी कर रही है। बता दें कि आज देश के सभी जिलों में एक साथ पूरा अभ्यास किया गया।
जल्द उपलब्ध होगा टीका
इससे पहले गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक की। बैठक में डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि देश में अब तक दो टीकों को मंजूरी मिल चुकी है। इनकी आपूर्ति अब शुरू होने जा रही है। उन्होंने बताया कि 8 जनवरी को देश के सभी जिले पूर्वाभ्यास में शामिल होंगे और टीकाकरण से पहले सभी तैयारियों की समीक्षा होगी।
दरअसल, बीते 28 और 29 दिसंबर को चार राज्यों में दो दिनों के लिए पूर्वाभ्यास किया गया था। इसके बाद 2 जनवरी को सभी राज्यों के 285 जिलों में पूर्वाभ्यास किया गया। अब तक एक बार फिर से पूर्व अभ्यास किया जा रहा है। देश के 700 से अधिक जिलों में पूर्वाभ्यास किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सभी को एक साथ टीका नहीं लगाया जा सकता है इसलिए प्राथमिकता तय की गई है। हर्षवर्धन ने बताया कि सबसे पहले एक करोड़ स्वास्थ्यकर्मी चाहे वह सरकारी हो या निजी। फिर दो करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स और इसके बाद 27 करोड़ लोगों, 50 साल से ऊपर या पुरानी बीमारी वाले लोगों को टीका लगाया जाएगा।
पहले से मौजूद कोल्ड चेन सिस्टम को और मजबूत किया, परीक्षण का काम भी पूरा
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि 12 टीके हमें लोग यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत लगाते हैं। इसका हमें अनुभव कोल्ड चेन सिस्टम को मजबूत करने के लिए जो चीज हमको खरीदनी थी हमने खरीदी है और पहले से मौजूद सिस्टम को मजबूत किया है। ट्रेनिंग का काम काफी हद तक पूरा हो गया है और जहां कुछ ट्रेनिंग का काम रह गया है तो उसको जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाना चाहिए।
अगर टीका लगाने से कोई दुष्प्रभाव या प्रतिकूल घटनाएं होती हैं तो उसके लिए प्रोटोकॉल बने हुए हैं ठीक उसी तरह से कोविड-19 टीकाकरण के लिए प्रोटोकॉल बनाए गए हैं। जैसे कि टीका लगने के बाद आधे घंटे तक ऑब्जरवेशन रूम में निगरानी करना आदि।