छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आतंकवाद और विद्रोह में मौत के मामले में आईएस और नाइजीरिया के बोको हरम के बाद भारत तीसरे स्थान पर है। सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने दावा किया कि नक्सल प्रभावित इस राज्य में आतंकवाद प्रभावित जम्मू-कश्मीर से भी ज्यादा मौतें हुई हैं। साथ ही उसने कहा कि इन क्षेत्रों में चरमपंथी वाम कार्यकर्ताओं की गतिविधियां आग में घी का काम करती हैं।
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति एम बी लोकुर और आदर्श कुमार गोयल की पीठ का बताया कि ‘आज जम्मू-कश्मीर से ज्यादा सुरक्षा बल छत्तीसगढ़ में तैनात है। बड़ी तादाद में यहां पुलिस के जवान नक्सली हिंसा में मारे जा रहे हैं।
हम नक्सली समस्या को सुलझाने के लिए कदम उठा रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि वहां काफी ढांचागत काम किया है और एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं। तुषार मेहता ने कहा कि आतंकवाद और आतंक से संबंधित मौतों में आईएस और बोको हरम के बाद भारत तीसरे स्थान पर है।