कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्वी उत्तर प्रदेश की महासचिव प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी कांग्रेस वर्किंग कमिटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में शामिल होने के लिए अहमदाबाद पहुंच चुके हैं। लोकसभा चुनावों से पहले गुजरात के अहमदाबाद में आज से होने जा रही कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में एनडीए-भाजपा सरकार द्वारा लागू की गई नोटबंदी पर खास चर्चा होगी। चुनाव प्रचार में प्रभावी तरीके से लोगों को यह बताया जाएगा कि पीएम नरेंद्र मोदी के फैसले से अर्थव्यवस्था किस तरह का नुकसान पहुंचा। इस प्रस्ताव को फाइनल मंजूरी के लिए सीडब्ल्यूसी के समक्ष रखा जाएगा। इसके अलावा जीएसटी, किसानों की दयनीय स्थिति और बेरोजगारी जैसे मुद्दे भी सीडब्ल्यूसी बैठक के मुख्य एजेंडे में शामिल हैं।
पाटीदार नेता हार्दिक पटेल भी आज कांग्रेस में शामिल होंगे। बीते काफी दिनों से इसकी अटकलें थी, लेकिन अब ये तय हो गया है। हार्दिक पटेल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि हार्दिक जामनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।
कांग्रेस मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के गृह राज्य गुजरात से चुनावी बिगुल फूंकेगी। अहमदाबाद में होने जा रही कांग्रेस कार्यकारी समिति की बैठक में लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। गुजरात में पार्टी की इस सर्वोच्च इकाई की बैठक 58 साल बाद हो रही है। इससे पहले वर्ष 1961 में भावनगर में बैठक हुई थी।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार बैठक के लिए गुजरात इसलिए चुना गया क्योंकि पार्टी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की भूमि से पूरे देश को मजबूत राजनीतिक संदेश देना चाहती है। अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल नेशनल मेमोरियल थिएटर में बैठक शुरू होने से पहले पार्टी के शीर्ष नेता साबरमती गांधी आश्रम में प्रार्थना सभा में भाग लेंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी आएंगी। वे बैठक के बाद यहां गांधीनगर के अदलाज में आयोजित जनसभा को भी संबोधित करेंगी। सक्रिय राजनीति में आने के बाद यह पहली जनसभा होगी, जिसमें वे संबोधित करेंगी। इस दौरान सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह भी उपस्थित रहेंगे। सभा में पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल कांग्रेस में शामिल होंगे।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है कि बैठक में नोटबंदी और बैंकिंग सेक्टर पर मोदी सरकार का प्रहार, यह सबसे प्रमुख मुद्दा रहेगा। नोटबंदी का नकारात्मक प्रभाव समाज के किन लोगों पर पड़ा है, आरबीआई को बर्बाद करने की साजिश और नोटबंदी जैसे बड़े घोटाले की मदद से सरकार में बैठे लोगों ने किस तरह से फायदा उठाया, इन सब बातों को सिलसिलेवार तरीके से बैठक में रखा जाएगा।
उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी को सत्ता मिलती है तो आरबीआई की पूर्ण स्वायत्तता और स्वतंत्रता को दोबारा से वापस लाया जाएगा, इस मसले पर पार्टी से जुड़े अर्थशास्त्रियों ने एक विस्तृत ड्राफ्ट तैयार किया है, इसे भी मंजूरी के लिए सीडब्ल्यूसी में रखे जाने की योजना है। साथ ही देश में पिछले पांच साल में बेरोजगारी ने जो विकराल रूप धारण किया है, चुनाव प्रचार में लोगों को यह जानकारी दी जाए, यह भी सीडब्ल्यूसी के एजेंडे में शामिल है।
कांग्रेस नेता के अनुसार, मोदी सरकार ने राफेल सौदे में बड़ा घोटाला किया है। इस मुद्दे को कांग्रेस पार्टी अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर जनता के बीच ले जाएगी। साथ ही संवैधानिक संस्थाओं के साथ मोदी सरकार ने जो खिलवाड़ किया है, इस पर भी विशेष चर्चा होगी। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पिछले पांच साल में देश की अर्थव्यवस्था पर एक विशेष रिपोर्ट कार्य समिति के सामने रख सकते हैं।