राष्ट्रीय जांच एजेंसी 'एनआईए' ने भारतीय नौसेना की संवेदनशील जानकारी, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी 'आईएसआई' तक पहुंचाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एनआईए ने आरोपी वेथन लक्ष्मण टंडेल और अक्षय रवि नाइक को कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले से गिरफ्तार किया है, जबकि अभिलाष पीए को केरल के कोच्चि से हिरासत में लिया गया है। ये तीनों आरोपी पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स (पीआईओ) के संपर्क में थे।
तीनों आरोपी, पीआईओ के गुर्गों को भारतीय नौसेना की संवदेनशील जानकारी भेज रहे थे। इसमें नौसेना एस्टेब्लिशमेंट और सुरक्षा उपकरणों से जुड़ी सूचनाएं भी शामिल थी। एनआईए के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भारतीय नौसेना के कारवार बेस और कोच्चि नौसेना बेस पर भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों में सेंध लगाने की योजना बनाई थी। इसके लिए कई लोगों का नेटवर्क तैयार किया गया। जासूसी करने सभी लोगों को संवेदनशील जानकारी देने की एवज में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से एक मोटी रकम मिलती थी। आरोपी वेथन लक्ष्मण टंडेल, अक्षय रवि नाइक और अभिलाष पीए से पहले भी जांच एजेंसी ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया था। अभी तक इस केस में कुल आठ लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी वेथन लक्ष्मण टंडेल, अक्षय रवि नाइक और अभिलाष पीए, सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स (पीआईओ) के संपर्क में थे। कारवार नौसेना बेस और कोच्चि नौसेना बेस पर भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों के बारे में पाकिस्तान की एजेंसी को जो भी सूचनाएं मिलती थी, उसके बदले में आरोपियों को धन मिलता था। यह राशि बैंक खातों में आती थी। हालांकि पीआईओ द्वारा इसके लिए थर्ड पार्टी का इंतजाम किया गया था। ऐसा इसलिए किया गया, ताकि पाकिस्तानी एजेंसी सीधे तौर पर जासूसी कराने के आरोपों से बच जाए।
एनआईए ने इस मामले में अब तक दो फरार पाकिस्तानी गुर्गों सहित पांच लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। इनके खिलाफ मूल रूप से काउंटर इंटेलिजेंस सेल, आंध्र प्रदेश द्वारा जनवरी 2021 में आईपीसी की धारा 120 बी और 121 ए, यूए (पी) अधिनियम की धारा 17 और 18 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा 3 के तहत केस दर्ज किया गया था। एनआईए की जांच से पता चला है कि पाकिस्तानी नागरिक मीर बालाज खान, गिरफ्तार आरोपी आकाश सोलंकी के साथ, भारत विरोधी साजिश के तहत भारतीय नौसेना से संबंधित संवेदनशील महत्वपूर्ण जानकारी लीक करा रहे थे।
ये सभी लोग नौसेना से संबंधित जासूसी रैकेट में शामिल थे। मीर बालाज और सोलंकी के अलावा, एनआईए ने इस मामले में एक और फरार पीआईओ के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है, जिसकी पहचान अल्वेन, मनमोहन सुरेंद्र पांडा और अमान सलीम शेख के रूप में हुई है।