पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता स्थित जादवपुर विश्वविद्यालय में रैगिंग के शिकार हुए फर्स्ट ईयर स्टूडेंट की मौत के लिए मार्क्सवादियों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने वामपंथियों पर प्रतिष्ठित संस्थानों में आतंक का माहौल बनाने का भी आरोप लगाया है।
छात्र वामपंथियों से था परेशान
राज्य में इस घटना को लेकर रोष है। भारी हंगामे के बीच सोमवार को बेहाला में एक सभा में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि छात्र वामपंथियों द्वारा रैगिंग और यातना का शिकार था। उन्होंने कहा कि ये लोग कौन हैं? वे मार्क्सवादी हैं। आज भी वे बंगाल में भाजपा और कांग्रेस के साथ मिले हुए हैं। वे तृणमूल को अपना प्रमुख दुश्मन मानते हैं। उन्हें जरा भी शर्म नहीं है।
तीन लोग अभी तक गिरफ्तार
इस मामले में अब तक दो अन्य छात्रों के साथ जादवपुर यूनिवर्सिटी के मुख्य होस्टल में रहने वाले पूर्व छात्र को स्नातक की पढ़ाई करने वाले 18 वर्षीय छात्र की आत्महत्या और रैगिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने हत्या और साजिश का मामला दर्ज किया है, जबकि राज्य बाल अधिकार निकाय कड़े पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों को लागू करने पर विचार कर रहा है। दरअसल, स्नातक के छात्र स्वप्नदीप कुंडू ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने गिरफ्तार पूर्व छात्र की पहचान सौरभ चौधरी के तौर पर की है, जिसने 2022 में गणित में एमएससी की पढ़ाई पूरी की थी। मृतक के पिता ने सौरभ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
विश्वविद्यालय पर समझते अपना हक
मुख्यमंत्री ने वाम समर्थित छात्र संगठनों से जुड़े छात्रों के एक वर्ग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये लोग विश्वविद्यालय पर अपना हक समझते हैं। वे परिसर के अंदर पुलिस को नहीं आने देते। इतना ही नहीं, यह लोग सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाने देते और छात्रों की रैगिंग करते हैं। इन लोगों ने जादवपुर विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में आतंक का माहौल बनाया है। वामपंथियों पर आगे हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लड़के ने ताबीज पहना हुआ था, लेकिन उसे उतारने के लिए मजबूर किया गया। बता दें, विश्वविद्यालय वामपंथी छात्र राजनीति के अंतिम गढ़ों में से एक हैं।
सिर्फ शिक्षा हासिल करना…
ममता बनर्जी ने छात्र की मौत पर दुख व्यक्त किया। कहा कि मैं बेहद दुखी और स्तब्ध हूं। इस घटना से पूरे राज्य में गुस्सा फैला हुआ है। उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ शिक्षा हासिल करना ही काफी नहीं है।
बच्चों पर करते हैं अत्याचार
उन्होंने कहा कि मानवीय और सहानुभूतिपूर्ण होना बेहद जरूरी है। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि हर कोई समान रूप से बुरा है? नहीं। मैं सभी छात्रों को गलत नहीं मानती, लेकिन यह सीपीआईएम का एक वर्ग है, जो युवा छात्रों को बरगलाने की कोशिश करता है। यह लोग नए छात्रों पर अत्याचार करना और उन्हें अपमानित करना अपना अधिकार मानते हैं। इतना ही नहीं, छात्रों के कपड़े भी उतरवाते हैं। उन्हें निर्वस्त्र करते हैं।