कर्नाटक की 224 सीटों वाली विधानसभा के लिए दस दिन बाद मतदान होंगे। इससे पहले सियासी दलों के नेताओं के लगातार राज्य के दौरै हो रहे हैं। इस बीच, असम के मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधा है।
देश की सबे पुरानी पार्टी कांग्रेस इस चुनाव में खुद की जीत भविष्यवाणी कर रही है। इसको लेकर मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, कांग्रेस ने ईवीएम के बारे में कुछ जानकारी जुटाई होगी। उन्होंने कहा, पहले वे (कांग्रेस) हम पर ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाते थे... अब वे परिणाम से पहले भविष्यवाणी कर रहे हैं, तो मुझे कहना होगा कि कर्नाटक में पार्टी ने ईवीएम के बारे में कुछ जानकारी जुटाई होगी।
कांग्रेस मौजूदा भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने की कोशिश कर रही है और कर्नाटक में जीत के प्रति आश्वस्त दिख रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री एमबी पाटिल ने पीटीआई-भाषा से कहा कि कांग्रेस दक्षिण राज्य में 224 में से 130 सीटों के साथ अपने दम पर सत्ता में आएगी। भाजपा ने 212, कांग्रेस ने 165 और जद (एस) ने 93 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है। दक्षिणी राज्य में 10 मई को मतदान होगा और मतगणना 13 मई को होगी।
'शराब पीने के आदी' अधिकारियों को की जाएगी वीआरएस की पेशकश
मुख्यमंत्री सरमा ने रविवार को कहा कि 'शराब पीने के आदी' करीब 300 अधिकारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) की पेशकश की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और रिक्तियों को भरने के लिए नई भर्ती होगी।
उन्होंने कहा, करीब 300 अधिकारी और जवान शराब पीने के आदी हैं और बहुत ज्यादा शराब पीने से उनके शरीर को नुकसान पहुंचा है। सरकार ने उनके लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) का प्रावधान किया है। सरमा ने एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, यह एक पुराना नियम है, लेकिन हमने इसे पहले लागू नहीं किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह शासन के विकेंद्रीकरण पर भी काम कर रहे हैं और उन्होंने सभी 126 विधानसभा क्षेत्रों में उपायुक्त कार्यालय के पास निहित शक्तियों के साथ कार्यालय खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि लोगों को डीसी कार्यालय में काम के लिए जिला मुख्यालय की यात्रा न करनी पड़े, और डीसी का कार्यालय हर एलएसी क्षेत्र में उपलब्ध हो। सरमा ने कहा, उपायुक्त कानून और व्यवस्था की देखभाल करेंगे, और उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाएंगी।